मुंबई। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार सुबह मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन किए। गणेशोत्सव के अवसर पर उन्होंने लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।

उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर लालबागचा राजा मंडल की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। मंडल के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंडल से जुड़े सुधीर साल्वी और बालासाहेब कांबली सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


सीपी राधाकृष्णन ने गणेशोत्सव समारोह के बीच भगवान गणेश की पूजा की और देश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

मुंबई का लालबागचा राजा गणेशोत्सव देश के सबसे प्रसिद्ध गणपति उत्सवों में से एक माना जाता है। हर साल गणेश चतुर्थी के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। देशभर से लोग लालबागचा राजा के दर्शन करने मुंबई आते हैं।

लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। तब से यह मंडल मुंबई के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बना हुआ है। यहां गणपति दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं और कई बड़ी हस्तियां भी पूजा-अर्चना के लिए पहुंचती हैं।

गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में कई स्थानों पर भव्य आयोजन किए जाते हैं। लालबागचा राजा का उत्सव अपनी भव्य सजावट, धार्मिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण विशेष पहचान रखता है।


उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान मंडल के पदाधिकारियों ने उन्हें उत्सव की व्यवस्थाओं और परंपराओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गणेशोत्सव की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर भी चर्चा की।

गणेशोत्सव महाराष्ट्र की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। इस दौरान भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना कर कई दिनों तक पूजा, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

लालबागचा राजा के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए मंडल और प्रशासन की ओर से सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का यह दौरा गणेशोत्सव के धार्मिक माहौल के बीच हुआ। उन्होंने पूजा के दौरान श्रद्धालुओं और मंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की।

गणपति उत्सव के दौरान देश के कई प्रमुख नेता और गणमान्य लोग भी विभिन्न पंडालों में पहुंचकर दर्शन करते हैं। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।

लालबागचा राजा के दर्शन के बाद उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम आगे जारी रहा। वहीं, मंडल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए गणेशोत्सव की धार्मिक गतिविधियां लगातार जारी हैं।

मुंबई में चल रहे गणेशोत्सव के बीच उपराष्ट्रपति के लालबागचा राजा पहुंचने से आयोजन का महत्व और बढ़ गया। श्रद्धालुओं ने भी इस अवसर को खास बताया और भगवान गणेश से देश की प्रगति की कामना की।

Tags: