पुणे । बदलते मौसम के बीच बच्चों में कई तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है **हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (HFMD)**, जो खासतौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। यह एक वायरल संक्रमण है, जिसमें बच्चों के हाथ, पैर और मुंह के आसपास लाल चकत्ते, छाले या दाने दिखाई दे सकते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी आमतौर पर छोटे बच्चों में अधिक देखी जाती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती और वे स्कूल, प्लेग्रुप या अन्य बच्चों के संपर्क में ज्यादा रहते हैं।
क्या है HFMD बीमारी?
हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से **एंटरोवायरस समूह** के वायरस के कारण होता है।यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों, संक्रमित सतहों को छूने और फिर हाथ मुंह तक ले जाने से फैल सकती है।आमतौर पर यह बीमारी गंभीर नहीं होती और कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन छोटे बच्चों में इसके लक्षणों पर नजर रखना जरूरी होता है।
किस उम्र के बच्चों को ज्यादा खतरा?
HFMD का खतरा सबसे ज्यादा **5 साल से कम उम्र के बच्चों** में देखा जाता है। खासकर डे-केयर, स्कूल या ऐसी जगहों पर जाने वाले बच्चे जहां कई बच्चे एक साथ रहते हैं, उनमें संक्रमण फैलने की संभावना अधिक हो सकती है।हालांकि बड़े बच्चे और वयस्क भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, लेकिन छोटे बच्चों में इसके लक्षण ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं।
HFMD के प्रमुख लक्षण
इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं।
मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
1. बुखार आना
कई बच्चों में बीमारी की शुरुआत हल्के या मध्यम बुखार से होती है। इसके साथ कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
2. मुंह में छाले या दर्द
मुंह के अंदर, जीभ, मसूड़ों या गाल के अंदर छोटे-छोटे छाले हो सकते हैं। इससे बच्चों को खाने-पीने में परेशानी हो सकती है।
3. हाथ और पैरों पर दाने
हाथों की हथेलियों, पैरों के तलवों और कभी-कभी शरीर के अन्य हिस्सों पर लाल दाने या छोटे फफोले दिखाई दे सकते हैं।
4. भूख कम होना
मुंह में दर्द या छालों के कारण बच्चे खाना कम कर सकते हैं।
5. चिड़चिड़ापन
छोटे बच्चे दर्द और परेशानी के कारण ज्यादा रो सकते हैं या चिड़चिड़े हो सकते हैं।
बीमारी कैसे फैलती है?
HFMD संक्रमित व्यक्ति से आसानी से फैल सकती है।
इसके फैलने के मुख्य कारण हैं:
* संक्रमित बच्चे के संपर्क में आना
* संक्रमित लार या नाक के स्राव के संपर्क में आना
* संक्रमित वस्तुओं को छूना
* शौचालय के बाद हाथ साफ न करना
बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान रखना संक्रमण रोकने का सबसे आसान तरीका है।
बचाव के लिए क्या करें?
HFMD से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।
* बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
* खिलौने और बच्चों की इस्तेमाल की चीजों को साफ रखें।
* संक्रमित बच्चे को अन्य बच्चों से कुछ समय दूर रखें।
* घर में साफ-सफाई बनाए रखें।
* बच्चों को पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन दें।
इलाज कैसे होता है?
HFMD के लिए आमतौर पर कोई विशेष एंटीवायरल दवा नहीं दी जाती। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं।
बुखार, दर्द और शरीर में होने वाली परेशानी को कम करने के लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाएं दी जा सकती हैं।
बच्चे को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ देना जरूरी होता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है:
* तेज बुखार लंबे समय तक रहना
* बच्चा पानी न पी पा रहा हो
* बहुत ज्यादा कमजोरी या सुस्ती
* मुंह के छालों के कारण खाना-पीना मुश्किल होना
* लक्षण लगातार बढ़ना