मुंबई : प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणपति पंडाल में इस बार भी श्रद्धालुओं ने जमकर चढ़ावा अर्पित किया है। गणेशोत्सव के शुरुआती दो दिनों में ही दानपात्र से करोड़ों रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं मिली हैं। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अनुसार, पहले दो दिनों में दानपात्र से करीब 1.37 करोड़ रुपये नकद, लगभग 293 ग्राम सोना और 8.3 किलोग्राम से अधिक चांदी प्राप्त हुई है। समिति की निगरानी में दान की गिनती की गई।

दानपात्र में मिले सोने के गहने और हीरे की ज्वेलरी
श्रद्धालुओं ने बप्पा के चरणों में अपनी श्रद्धा के रूप में सोने-चांदी के गहने, हीरे की ज्वेलरी और अन्य कीमती वस्तुएं भी अर्पित कीं। समिति के सदस्यों की मौजूदगी में इन वस्तुओं को अलग-अलग सुरक्षित रखा गया। लालबागचा राजा मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणपति पंडालों में शामिल है। हर साल गणेशोत्सव के दौरान यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मनोकामना पूरी होने पर बप्पा को चढ़ावा चढ़ाते हैं।
लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र
लालबागचा राजा को मुंबई का प्रमुख धार्मिक आकर्षण माना जाता है। गणेश उत्सव के दौरान यहां लंबी कतारें लगती हैं और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों की ओर से दिया गया चढ़ावा केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि यह लोगों की आस्था और परंपरा से भी जुड़ा होता है। समिति हर साल दान की गिनती और रिकॉर्ड की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करती है।
पर्यावरण को लेकर भी खास पहल
इस बार लालबागचा राजा मंडल ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी पहल की है। प्रसाद से निकलने वाले जैविक कचरे का उपयोग बायोमेथेनेशन के जरिए बिजली बनाने के लिए किया जा रहा है, जिससे अस्पतालों को ऊर्जा उपलब्ध कराने की योजना है। गणेशोत्सव के दौरान बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होती है। प्रशासन और मंडल समिति मिलकर दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने का प्रयास करते हैं। लालबागचा राजा के दानपात्र में मिला यह चढ़ावा एक बार फिर मुंबई के गणेशोत्सव की भव्यता और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दिखाता है।

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