मुंबई के CNG उपभोक्ताओं को राहत, कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव

Update: 2026-05-26 04:46 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि देश के अन्य हिस्सों में फ्यूल की कीमतों में बदलाव देखा गया है, मुंबई में CNG के दाम स्थिर बने हुए हैं।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में CNG का नया रेट 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है, जो 26 मई से लागू हो चुका है। इस बढ़ोतरी का असर दिल्ली-एनसीआर में CNG वाहनों के संचालन लागत पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

इसके विपरीत, मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में MGL ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे शहर के ऑटो, टैक्सी और CNG आधारित निजी वाहनों के चालकों को अस्थायी राहत मिली है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच यह स्थिरता उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।



पिछले कुछ समय से देश के विभिन्न हिस्सों में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर परिवहन और रोजमर्रा की लागत पर पड़ता है। ऐसे में मुंबई में CNG की कीमतों का स्थिर रहना स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए राहत का कारण बना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि CNG की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के पीछे सप्लाई मैनेजमेंट और क्षेत्रीय मूल्य निर्धारण नीतियों की भूमिका हो सकती है। वहीं, दिल्ली में हालिया बढ़ोतरी को वैश्विक गैस कीमतों और आपूर्ति लागत में बदलाव से जोड़ा जा रहा है।

CNG का उपयोग मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन जैसे ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और बसों में होता है, इसके अलावा कई निजी वाहन भी इस ईंधन पर चलते हैं। ऐसे में कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव सीधे आम जनता की जेब पर असर डालता है।

मुंबई में कीमतें स्थिर रहने से फिलहाल ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू नीतियों के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव है।

कुल मिलाकर, जहां दिल्ली-NCR में CNG महंगी हो गई है, वहीं मुंबई में इसकी कीमतें स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को कुछ समय के लिए आर्थिक राहत मिली है। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाले फ्यूल प्राइस रिव्यू पर टिकी हैं।

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