Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं की तिरंगा रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिवसेना नेता रामदास कदम ने इस रैली और ठाकरे परिवार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ठाकरे जिस तरह से रैली को लेकर उत्साह दिखा रहे हैं, वह उन्हें हैरान करने वाला है। रामदास कदम ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हुआ हो और मिठाइयां बांटी जा रही हों। उन्होंने कहा कि एक समय था जब दिल्ली के बड़े-बड़े राष्ट्रीय नेता मातोश्री आकर मुलाकात करते थे, लेकिन आज स्थिति बदल गई है और अब ठाकरे नेताओं को दूसरे नेताओं से मिलने जाना पड़ रहा है।
शिवसेना नेता ने दावा किया कि अब ठाकरे को अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करनी पड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने भी उनसे मिलने के लिए समय नहीं दिया। रामदास कदम ने कहा कि ठाकरे परिवार को अपनी राजनीतिक विरासत और हिंदुत्व की विचारधारा को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठाकरे हिंदुत्व के बड़े चेहरे रहे हैं और उन्हें अपनी पुरानी पहचान को ध्यान में रखना चाहिए। रामदास कदम ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिलने को शर्मनाक बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी रामदास कदम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मामले को गंभीरता से लिया और उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इस फैसले के लिए वह प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं।गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे गुट और शिवसेना के बीच लंबे समय से राजनीतिक टकराव जारी है। तिरंगा रैली के जरिए ठाकरे बंधुओं ने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश की, जिसके बाद सत्तारूढ़ दलों के नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। रामदास कदम के बयान को ठाकरे परिवार की राजनीतिक रणनीति और विपक्षी गठबंधन की ओर बढ़ते कदमों पर हमला माना जा रहा है। वहीं, ठाकरे गुट की ओर से अभी इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।