रानी मुखर्जी को मिला राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। बुधवार को मुंबई में आयोजित 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार ग्रहण करते समय रानी मुखर्जी ने महाराष्ट्र और फिल्म जगत के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह का आयोजन प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, फिल्म उद्योग से जुड़ी प्रमुख हस्तियां, कलाकार और तकनीशियन उपस्थित रहे। समारोह में मराठी और भारतीय सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
रानी मुखर्जी समारोह में पारंपरिक मराठी अंदाज में पहुंचीं। उन्होंने हरे रंग की साड़ी के साथ पारंपरिक आभूषण पहने थे। उनके इस लुक ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद रानी ने अपने संबोधन की शुरुआत मराठी भाषा में की, जिसका उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
रानी मुखर्जी ने महाराष्ट्र को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई और यहां के लोगों ने उनके फिल्मी सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी शहर में उन्होंने सफलता और असफलता दोनों का अनुभव किया तथा प्रत्येक परिस्थिति से सीखकर आगे बढ़ीं। उन्होंने अपने करियर में मिले अवसरों और दर्शकों के प्रेम के लिए धन्यवाद दिया।
अभिनेत्री ने कहा कि उनके लिए सिनेमा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भावनाओं और कहानियों को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम है। वह फिल्मों और किरदारों का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखती हैं कि कहानी में संवेदना हो और उनका पात्र दर्शकों से जुड़ सके। उन्होंने अपने सम्मान को कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म निर्माण से जुड़े उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके सफर में सहयोग दिया।
‘राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार’ महाराष्ट्र सरकार की ओर से भारतीय और हिंदी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को प्रदान किया जाता है। इसका नाम दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता राज कपूर की स्मृति में रखा गया है। राज कपूर ने अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में भारतीय सिनेमा पर गहरा प्रभाव छोड़ा था। रानी मुखर्जी को यह सम्मान मिलना उनके लंबे फिल्मी सफर और विविध भूमिकाओं की औपचारिक मान्यता माना जा रहा है।
रानी मुखर्जी ने अपने अभिनय करियर में रोमांटिक, सामाजिक, भावनात्मक और महिला केंद्रित फिल्मों में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने मुख्यधारा की मनोरंजक फिल्मों के साथ गंभीर विषयों पर आधारित कहानियों में भी काम किया। उनकी फिल्मों और किरदारों को दर्शकों के साथ आलोचकों की भी सराहना मिली। अपने अभिनय और संवाद अदायगी के कारण उन्होंने हिंदी सिनेमा में विशिष्ट स्थान बनाया।
रानी ने 1990 के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और कुछ वर्षों में ही लोकप्रिय अभिनेत्रियों में अपनी जगह बना ली। अलग आवाज, प्रभावशाली अभिनय और चुनौतीपूर्ण किरदारों के चुनाव ने उन्हें दूसरी अभिनेत्रियों से अलग पहचान दिलाई। उनके करियर में कई ऐसी फिल्में शामिल हैं, जिनमें उन्होंने मजबूत तथा आत्मनिर्भर महिला किरदार निभाए।
‘ब्लैक’ में दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित युवती के किरदार से लेकर ‘मर्दानी’ श्रृंखला में निर्भीक पुलिस अधिकारी की भूमिका तक रानी ने अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। ‘हम तुम’, ‘साथिया’, ‘वीर-जारा’, ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। उनके कई किरदारों ने सामाजिक मुद्दों और महिलाओं के संघर्षों को बड़े पर्दे पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।
समारोह में रानी मुखर्जी के अलावा भारतीय और मराठी सिनेमा की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान को राज कपूर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी अनुपस्थिति में उनकी पत्नी और वरिष्ठ अभिनेत्री हेलन ने सम्मान स्वीकार किया। संगीतकार पंडित हृदयनाथ मंगेशकर को वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अभिनेता और निर्देशक प्रसाद ओक को वी. शांताराम विशेष योगदान पुरस्कार दिया गया। समारोह में वर्ष 2024 के मराठी सिनेमा की विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। फीचर फिल्म, अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत, गायन और तकनीकी क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले कलाकारों तथा फिल्मकर्मियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। फिल्म ‘छबीला’ ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान जीता, जबकि ‘स्थल’ ने छह पुरस्कार हासिल किए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में समारोह के प्रमुख विजेताओं की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों और तकनीशियनों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिनेमा मनोरंजन के साथ समाज के विचारों, परंपराओं और संस्कृति को भी अभिव्यक्त करता है। मराठी फिल्म उद्योग ने अपनी अलग विषयवस्तु और प्रभावशाली कहानियों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह मराठी सिनेमा की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रमुख मंच माना जाता है। इसके माध्यम से सरकार अभिनय और निर्देशन के साथ कैमरा, संपादन, संगीत, लेखन तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सम्मानित करती है। इस आयोजन में वरिष्ठ कलाकारों के योगदान को याद करने के साथ नई प्रतिभाओं को भी पहचान दी जाती है।
रानी मुखर्जी का मराठी में दिया गया संबोधन समारोह के सबसे चर्चित क्षणों में रहा। उन्होंने महाराष्ट्र में अपने सफर, दर्शकों से मिले प्यार और सिनेमा के प्रति अपने भावनात्मक रिश्ते का उल्लेख किया। पारंपरिक परिधान और आत्मीय संबोधन के कारण सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें और वीडियो साझा किए जा रहे हैं। लोकसत्ता के अनुसार, अभिनेत्री ने यह पुरस्कार महाराष्ट्र के नागरिकों, कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म उद्योग को समर्पित किया।
लगभग तीन दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय रानी मुखर्जी के लिए यह पुरस्कार उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। समारोह में सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि दर्शकों का विश्वास और प्रेम ही उन्हें चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने के लिए प्रेरित करता है।