Mumbai, मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को महायुति गठबंधन के भीतर एकता और अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आंतरिक विवादों से गठबंधन की ताकत प्रभावित नहीं होनी चाहिए।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान महाराष्ट्र से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई । उन्होंने कहा, ‘‘मोदीजी से मिलने के बाद मुझे प्रेरणा मिलती है; हमें एनडीए का हिस्सा होने पर गर्व है । मोदीजी न केवल देश के प्रधानमंत्री हैं, बल्कि एनडीए परिवार के मुखिया भी हैं।’’ उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की यादें भी ताजा हुईं।
उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर दिवाली की शुभकामनाएं देने के बाद की। शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, "अगर मैं दिल्ली आता हूं तो भी चर्चा होती है; अगर मैं अपने गांव जाता हूं तो भी चर्चा होती है। मैं अपना काम कर रहा हूं। मैंने प्रधानमंत्री मोदीजी से सद्भावना के साथ मुलाकात की और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं।" विकास के प्रति गठबंधन की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए शिंदे ने कहा, " महायुति और एनडीए विकास के एजेंडे पर एक साथ हैं।"आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे और रणनीति पर अंतिम निर्णय वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिया जाएगा, उन्होंने इन चुनावों को "जमीनी स्तर के चुनाव" बताया।
कांग्रेस विधायक रवींद्र धांगेकर और भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के बीच चल रहे विवाद पर टिप्पणी करते हुए शिंदे ने गठबंधन के भीतर संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "ऐसे विवादों को महायुति में नमक का पत्थर नहीं बनना चाहिए । कार्यकर्ताओं को महायुति को बचाए रखना चाहिए ; ऐसे बयानों से पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।" एकता के अपने आह्वान को दोहराते हुए शिंदे ने कहा कि गठबंधन के भीतर कोई मतभेद नहीं होना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की निरंतर सफलता के लिए अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है ।
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