मुंबई। दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की मुफ्त पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बदले कथित तौर पर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। वीर नरीमन रोड पर स्थित पार्किंग में मोटर चालकों से जबरन पैसे मांगने के आरोप में पुलिस ने 25 वर्षीय मनोज गौड़ा को गिरफ्तार किया है। चार वाहन चालकों ने पुलिस को बताया कि आरोपी मुफ्त पार्किंग के बावजूद उनसे प्रति घंटे 100 रुपये की मांग कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, फोर्ट इलाके में वीर नरीमन रोड पर बीएमसी की ओर से वाहन चालकों के लिए मुफ्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। आरोप है कि मनोज गौड़ा इसी पार्किंग स्थल पर पहुंचने वाले वाहन चालकों से शुल्क मांग रहा था। वाहन चालकों को पार्किंग के मुफ्त होने की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी कथित तौर पर उनसे प्रति घंटे के हिसाब से 100 रुपये देने का दबाव बना रहा था।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वाहन चालकों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। चार मोटर चालकों ने पुलिस को बताया कि पार्किंग स्थल पर एक युवक उनसे वाहन खड़ा करने के बदले पैसे मांग रहा है। शिकायत में कहा गया कि प्रति घंटे 100 रुपये के हिसाब से रकम वसूली जा रही थी। मुफ्त पार्किंग में पैसे मांगे जाने से संदेह होने के बाद लोगों ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की पहचान मनोज गौड़ा के रूप में की। वह कोलाबा के सुंदरनगरी इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने शुरुआती जांच और शिकायतकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कब से इस पार्किंग स्थल पर लोगों से पैसे वसूल रहा था और कितने वाहन चालकों से उसने रकम ली।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले इस कथित वसूली को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस पार्किंग स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि आरोपी कितने समय से पार्किंग स्थल पर सक्रिय था और किन-किन लोगों से उसने पैसे लिए।

पुलिस के अनुसार, मनोज गौड़ा का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वह वर्ष 2023 में दर्ज चोरी के चार मामलों में आरोपी रह चुका है। पुराने मामलों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। यह भी जांचा जा रहा है कि उसके खिलाफ किसी अन्य पुलिस थाने में कोई और मामला दर्ज है या नहीं।

फोर्ट दक्षिण मुंबई के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग कार्यालयों, बाजारों, सरकारी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आते हैं। निजी वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पार्किंग की मांग भी काफी रहती है। ऐसे में मुफ्त पार्किंग स्थल वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित होते हैं।

आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने मुफ्त पार्किंग को शुल्क वाली पार्किंग के रूप में पेश करने की कोशिश की। प्रति घंटे 100 रुपये की मांग किए जाने के कारण कुछ वाहन चालकों को संदेह हुआ। इसके बाद जब उन्होंने जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि संबंधित पार्किंग बीएमसी की मुफ्त पार्किंग व्यवस्था का हिस्सा है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी वाहन चालकों से पैसे लेते समय किसी तरह की पर्ची या रसीद देता था या नहीं। यदि कोई फर्जी रसीद या अन्य दस्तावेज इस्तेमाल किया गया होगा तो उसकी भी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आरोपी खुद को पार्किंग कर्मचारी बताता था या केवल वाहन खड़ा करने के बदले जबरन रकम की मांग करता था।

मुफ्त सार्वजनिक पार्किंग में इस तरह कथित रूप से पैसे वसूलने की घटना ने निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। महानगर में कई स्थानों पर अधिकृत पार्किंग और मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था है। वाहन चालकों के लिए यह जानना जरूरी है कि जिस स्थान पर वे वाहन खड़ा कर रहे हैं, वहां आधिकारिक रूप से शुल्क निर्धारित है या पार्किंग पूरी तरह मुफ्त है।

यदि किसी अधिकृत पार्किंग स्थल पर शुल्क लिया जाता है तो वाहन चालकों को निर्धारित दरों की जानकारी लेने और रसीद मांगने की सलाह दी जाती है। वहीं मुफ्त पार्किंग में कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से पैसे की मांग करता है तो इसकी सूचना पुलिस या संबंधित स्थानीय निकाय को दी जा सकती है।

इस मामले में चार वाहन चालकों की शिकायत महत्वपूर्ण साबित हुई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। यदि और वाहन चालक सामने आते हैं तो उनके बयान भी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।

मुंबई में पार्किंग की समस्या लंबे समय से प्रमुख शहरी चुनौतियों में शामिल रही है। व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में पार्किंग की सीमित उपलब्धता के कारण कई बार वाहन चालक अनधिकृत पार्किंग संचालकों के चंगुल में फंस जाते हैं। ऐसे में अधिकृत और मुफ्त पार्किंग स्थलों की स्पष्ट जानकारी लोगों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल पुलिस ने 25 वर्षीय मनोज गौड़ा को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बीएमसी की मुफ्त पार्किंग में कथित वसूली कब से चल रही थी, कितने लोगों से पैसे लिए गए और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।

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