महाराष्ट्र : फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के हालिया खाद्य सुरक्षा निर्देशों को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच विभाग ने साफ किया है कि इनका उद्देश्य त्योहारों पर किसी तरह की रोक लगाना नहीं है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग केवल खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान लोगों की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नियंत्रित करना FDA का उद्देश्य नहीं है। विभाग का फोकस केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
त्योहारों पर नहीं कोई पाबंदी
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग त्योहारों को रेगुलेट नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव, नवरात्रि, शादी समारोह, भंडारे, ईद, क्रिसमस, न्यू ईयर ईव और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना ही विभाग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिलना चाहिए, इसके लिए खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।
मिलावट रोकना है मुख्य उद्देश्य
FDA की ओर से जारी निर्देशों का मुख्य उद्देश्य खाने-पीने की चीजों में होने वाली मिलावट पर नजर रखना है।
त्योहारों के दौरान मिठाई, दूध से बने उत्पाद, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की शिकायतें भी बढ़ने की संभावना रहती है।
FDA का कहना है कि जांच और निगरानी के जरिए मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई
तुकाराम मुंडे ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नियम पहले से लागू हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से लागू खाद्य सुरक्षा कानून के तहत ही यह कार्रवाई की जा रही है।
इस कानून के अनुसार, खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों का पालन करना जरूरी है।
आयोजकों और विक्रेताओं को सलाह
FDA ने त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजकों से अपील की है कि वे भोजन तैयार करने और परोसने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच करने की सलाह दी गई है।
विभाग का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों और आयोजकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
FDA कमिश्नर ने कहा कि विभाग का मकसद आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि त्योहार खुशी और उत्साह का अवसर होते हैं और लोगों को सुरक्षित भोजन मिलना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक आयोजन में लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
गलतफहमी दूर करने की कोशिश
FDA के निर्देशों के बाद कुछ लोगों में यह भ्रम पैदा हो गया था कि त्योहारों के आयोजन पर पाबंदी लगाई जा सकती है।
अब विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई उद्देश्य नहीं है।
मुंडे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम सभी आयोजनों पर समान रूप से लागू होते हैं और इनका पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
जांच अभियान रहेगा जारी
FDA की ओर से खाद्य पदार्थों की जांच और नमूने लेने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
विभाग ने कहा है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र FDA का कहना है कि त्योहारों का आनंद सुरक्षित और स्वच्छ भोजन के साथ लिया जा सके, इसी उद्देश्य से यह कदम उठाए जा रहे हैं।