नासिक। ओझर एयरपोर्ट और नई दिल्ली के बीच सुबह की सीधी विमान सेवा 1 अक्टूबर से एक बार फिर शुरू हो गई है। इससे नासिक और राष्ट्रीय राजधानी के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। यह उड़ान बंद होने के कारण पिछले कुछ समय से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों या अन्य समय की उड़ानों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नासिक-दिल्ली सुबह की उड़ान फिर शुरू कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। डिंडोरी के सांसद भास्कर भागरे ने 28 सितंबर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से मुलाकात कर इस सेवा को तत्काल बहाल करने का अनुरोध किया था। इसके बाद विमान सेवा फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हुआ।
भास्कर भागरे ने बताया कि नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भी इस मुद्दे को सुलझाने में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि नासिक से दिल्ली के बीच सुबह की उड़ान क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग व्यापार, शिक्षा, कृषि, सरकारी काम और अन्य जरूरी कार्यों के लिए दिल्ली आते-जाते हैं।
सुबह की यह फ्लाइट पहले नासिक और दिल्ली के बीच एक अहम कड़ी मानी जाती थी। इसके बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। विशेष रूप से उन लोगों को दिक्कत होती थी जिन्हें दिल्ली पहुंचकर दिन में ही अपना काम निपटाना होता था।
उड़ान बहाल होने के बाद अब यात्री सुबह नासिक से रवाना होकर दिन के समय दिल्ली में अपने जरूरी काम पूरे कर सकेंगे। इससे समय की बचत होने के साथ यात्रा की सुविधा भी बढ़ेगी।
नासिक और आसपास का क्षेत्र कृषि, उद्योग और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यहां अंगूर, प्याज और अन्य कृषि उत्पादों का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है। इसके अलावा नासिक में कई औद्योगिक इकाइयां भी हैं। ऐसे में दिल्ली से बेहतर हवाई संपर्क व्यापार और उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
किसानों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिल्ली का संपर्क कई कारणों से जरूरी रहता है। उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों, व्यापारिक संस्थाओं और बाजारों से जुड़े काम के लिए राजधानी जाना पड़ता है। सुबह की सीधी उड़ान शुरू होने से उन्हें यात्रा में आसानी होगी।
व्यापारियों और उद्योगपतियों को भी इस सेवा से फायदा मिलने की उम्मीद है। नासिक से दिल्ली आने-जाने में समय कम लगने से कारोबारी बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होना आसान होगा।
छात्रों के लिए भी यह उड़ान उपयोगी साबित हो सकती है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे नासिक के छात्रों तथा प्रवेश परीक्षा, इंटरव्यू या शैक्षणिक कार्यक्रमों में जाने वाले युवाओं को सीधी कनेक्टिविटी मिलने से सुविधा होगी।
सरकारी कार्यों से दिल्ली जाने वाले अधिकारियों और नागरिकों के लिए भी यह उड़ान महत्वपूर्ण है। सुबह की फ्लाइट होने के कारण यात्रियों को एक ही दिन में कई काम पूरे करने का अवसर मिल सकता है।
ओझर एयरपोर्ट नासिक शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हवाई केंद्र है। यहां से दिल्ली के अलावा अन्य शहरों के लिए भी उड़ान सेवाएं संचालित होती रही हैं। यात्रियों की लगातार मांग रही है कि नासिक से प्रमुख महानगरों के लिए नियमित और सुविधाजनक समय पर फ्लाइट उपलब्ध हो।
नासिक-दिल्ली सुबह की सेवा बंद होने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे फिर से शुरू करने की मांग तेज हो गई थी। जनप्रतिनिधियों और यात्रियों का कहना था कि सुबह की उड़ान का समय व्यावसायिक और सरकारी यात्राओं के लिए अधिक उपयोगी था।
सांसद भास्कर भागरे ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सामने इसी जरूरत को रखा। उन्होंने मांग की कि नासिक और दिल्ली के बीच सुबह की उड़ान को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उड़ान सेवा शुरू होने के बाद स्थानीय यात्रियों में राहत देखी जा रही है। उनका कहना है कि दिल्ली के लिए सुबह की सीधी फ्लाइट उपलब्ध होने से यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।
नासिक से दिल्ली के बीच सड़क और रेल संपर्क मौजूद है, लेकिन समय की कमी वाले यात्रियों के लिए हवाई सेवा सबसे तेज विकल्प है। खासकर व्यापारियों, छात्रों और सरकारी काम से जाने वाले लोगों के लिए सीधी उड़ान महत्वपूर्ण होती है।
सुबह की उड़ान का एक फायदा यह भी है कि यात्री दिल्ली पहुंचने के बाद उसी दिन आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट भी पकड़ सकते हैं। इससे नासिक के यात्रियों के लिए देश और विदेश के अन्य शहरों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
स्थानीय उद्योग जगत भी बेहतर हवाई संपर्क की लंबे समय से मांग करता रहा है। नासिक में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मा और अन्य उद्योगों की मौजूदगी के कारण दिल्ली और अन्य महानगरों से सीधा संपर्क व्यापार के लिहाज से जरूरी माना जाता है।
उड़ान बहाली को क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे ओझर एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है।
भास्कर भागरे ने उड़ान फिर शुरू होने पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए नासिक से अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए भी बेहतर विमान सेवाओं की जरूरत है।
हालांकि मौजूदा उड़ान का संचालन नियमित रूप से किस समय-सारिणी के तहत होगा, इसकी जानकारी यात्रियों को संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट की आधिकारिक सूचना से देखनी होगी।
फिलहाल नासिक और दिल्ली के बीच सुबह की सीधी उड़ान फिर शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। किसानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, छात्रों और सरकारी काम से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा एक बार फिर महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है।
1 अक्टूबर से सेवा बहाल होने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या और मांग किस स्तर तक बढ़ती है। यदि नियमित यात्री संख्या बनी रहती है तो नासिक की हवाई कनेक्टिविटी को आगे और मजबूत करने की मांग भी तेज हो सकती है।