मुंबई। फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हवा के बीच पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान बड़ा हादसा टालने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर मुंबई में लोगों के बीच गर्व का माहौल है। गुरुवार को उनके घर के बाहर स्थानीय लोग, दोस्त और परिचित जमा हुए। लोगों ने हाथों में भारतीय तिरंगा और कैप्टन स्मित की तस्वीरें लेकर उनका सम्मान किया तथा उन्हें ‘असली हीरो’ बताते हुए उनके साहस की सराहना की।
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई से ताल्लुक रखते हैं। जैसे ही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना और उसमें उनकी भूमिका की जानकारी सामने आई, उनके परिचितों और स्थानीय लोगों में उनकी सलामती को लेकर चिंता के साथ गर्व की भावना दिखाई दी। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग उनके परिवार से जुड़े इलाके में पहुंचे और भारतीय पायलट के साहस के समर्थन में नारे लगाए।
लोग हाथों में तिरंगा लेकर कैप्टन स्मित को सलाम करते दिखाई दिए। कई लोगों ने उनकी तस्वीरें भी अपने हाथों में ले रखी थीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि बेहद मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने जिस तरह सूझबूझ दिखाई, वह गर्व की बात है। उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की गई। मुंबई में उनके बचपन के परिचितों और पड़ोसियों ने भी उन्हें शांत और संयमित स्वभाव का व्यक्ति बताया है।
यह पूरा मामला फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान से जुड़ा है। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर सुरक्षा घटना हुई और कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा था। इसके बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद चालक दल और यात्रियों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। उड़ान में मौजूद सभी यात्रियों की जान बच गई।
कैप्टन स्मित घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें सऊदी अरब में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि उनकी हालत स्थिर है और अधिकारी उनके परिवार तथा सऊदी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
घटना सामने आने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे और घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने लोगों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई। प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि भारत को उन पर गर्व है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद पायलट ने मुकाबला किया और ऐसी स्थिति बनने से रोकी, जिससे हवा में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उन्होंने स्मित को ‘सच्चा हीरो’ बताया।
कैप्टन स्मित मच्छार एक अनुभवी कमर्शियल पायलट हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उनके पेशेवर विवरण के अनुसार उन्हें 13 साल से अधिक का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है और उन्होंने 9,750 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने भारतीय विमानन क्षेत्र में भी लंबे समय तक काम किया था।
घटना के बाद उनके बचपन के दोस्तों और परिचितों ने बताया कि स्मित शुरू से ही शांत और मुश्किल परिस्थितियों में संयम बनाए रखने वाले व्यक्ति रहे हैं। उनके एक बचपन के दोस्त ने कहा कि स्मित हमेशा से ही शांत और संतुलित स्वभाव के थे। घटना की खबर सुनने के बाद उनके परिचितों को पहले विश्वास ही नहीं हुआ कि संकट में दिखाई गई बहादुरी वाला पायलट वही स्मित है, जिसके साथ वे बचपन में रहते और खेलते थे।
मुंबई में कैप्टन स्मित के समर्थन में जुटे लोगों ने उनकी सलामती की कामना की। स्थानीय स्तर पर लोगों ने तिरंगा लेकर उनके साहस को सलाम किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। कई लोगों ने कहा कि उनकी बहादुरी ने न केवल मुंबई बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
इस घटना ने विमान के कॉकपिट में किसी आपात स्थिति के दौरान पायलट के प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय लेने की अहमियत को भी सामने रखा है। बेहद गंभीर स्थिति और खुद घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित की ओर से उठाए गए कदमों ने चालक दल और यात्रियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने का मौका दिया।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। वहीं घटना से जुड़े हमलावर को सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। हमले के पीछे का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है।
मुंबई में उनके लिए जुटे लोगों का संदेश साफ था—देश अपने पायलट की बहादुरी पर गर्व कर रहा है और उनके जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटने की कामना कर रहा है। फ्लाईदुबई की उड़ान में पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान दिखाए गए साहस ने कैप्टन स्मित मच्छार को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है।
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