Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में इस वर्ष रक्तदान को लेकर अच्छी भागीदारी देखने को मिली है। जनवरी से मई के बीच पुणे जिले ने 1.58 लाख यूनिट रक्त संग्रह कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य के स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में पुणे ने सबसे अधिक रक्तदान शिविर भी आयोजित किए।

आंकड़ों के मुताबिक, पुणे जिले में इस दौरान कुल 2,127 रक्तदान शिविर लगाए गए, जिनके माध्यम से यह बड़ा संग्रह संभव हो सका। वहीं, मुंबई दूसरे स्थान पर रहा, जहां 1,651 शिविरों के जरिए 1.27 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया। सोलापुर जिला तीसरे स्थान पर रहा, जहां 1,276 शिविरों में 88,000 यूनिट रक्त इकट्ठा किया गया।

पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो जनवरी से मई के बीच राज्य में कुल 17,139 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे 9.81 लाख यूनिट रक्त एकत्र हुआ। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह संग्रह अभी भी राज्य की कुल जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

महाराष्ट्र हेल्थ सर्विसेज के स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. पुरुषोत्तम पुरी ने बताया कि वर्ष 2024 में राज्य में कुल 21.68 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया था। जबकि इस वर्ष केवल पहले पांच महीनों में ही 9.48 लाख यूनिट रक्त संग्रह हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर संकेत माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य में लगातार रक्त की मांग बनी रहती है, खासकर बड़े अस्पतालों और आपातकालीन स्थितियों में। ऐसे में नियमित रक्तदान शिविरों का आयोजन और लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित और पर्याप्त रक्त आपूर्ति के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

फिलहाल राज्य में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और पुणे जैसे जिलों का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।

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