महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम, MJPJAY में धोखाधड़ी रोकने के लिए AI आधारित सिस्टम लागू

Update: 2026-07-02 04:30 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार ने राज्य की महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) और अवैध IVF तथा सोनोग्राफी सेंटरों में होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Prakash Abitkar ने विधानसभा में स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वालों को “बख्शा नहीं जाएगा” और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह बयान विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए दिया गया, जिसमें स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और चिकित्सा सेवाओं में संभावित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य बीमा प्रबंधन प्रणाली को तकनीकी रूप से अपग्रेड करते हुए पुराने जीवनदायी पोर्टल को हटाकर AI-आधारित KMS 2.0 प्लेटफॉर्म लागू किया है।

इस नए सिस्टम के माध्यम से संदिग्ध बीमा क्लेम और इलाज के तरीकों की पहचान पहले ही की जा रही है। सरकार का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

मंत्री ने बताया कि AI आधारित सिस्टम लगातार डेटा का विश्लेषण करता है और किसी भी असामान्य पैटर्न या संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित करता है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग स्वतः जांच प्रक्रिया शुरू करता है और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। यह प्रक्रिया राज्य में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सरकार के अनुसार, MJPJAY योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त या रियायती इलाज उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में निजी अस्पतालों और सेवा प्रदाताओं द्वारा गलत क्लेम और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसी को देखते हुए तकनीकी निगरानी को मजबूत किया गया है।

इसके अलावा, अवैध IVF और सोनोग्राफी सेंटरों पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इन सेंटरों में नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया गया है।

मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, AI आधारित KMS 2.0 सिस्टम से न केवल धोखाधड़ी की पहचान तेज हुई है, बल्कि इससे इलाज की गुणवत्ता और रिकॉर्ड मैनेजमेंट में भी सुधार हुआ है। अब अस्पतालों और सेवा प्रदाताओं के क्लेम की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक के उपयोग से स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इससे सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और जरूरतमंद मरीजों को अधिक लाभ मिलेगा।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक डिजिटल सुधार लागू किए जाएंगे, ताकि पूरी प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

फिलहाल इस पहल को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं में विश्वास और मजबूती आने की उम्मीद है।

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