पुणे : महाराष्ट्र के पुणे जिले के आंबेगांव तालुका के मंगदेवाड़ी गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ अचानक गांव की सड़कों पर दौड़ता हुआ दिखाई दिया। तेंदुए को रिहायशी इलाके में देखकर ग्रामीणों में डर का माहौल फैल गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेंदुआ अचानक गांव के पास स्थित झाड़ियों से बाहर आया और कुछ समय तक सड़कों पर दौड़ता रहा। गांव के लोगों ने जब तेंदुए को खुले इलाके में देखा तो वे सतर्क हो गए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल फोन से तेंदुए की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लिया।
घटना के बाद तेंदुए के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में तेंदुआ गांव की सड़कों पर तेजी से भागता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में भी लोगों के बीच चिंता बढ़ गई।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और इलाके में निगरानी शुरू कर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और अकेले जंगल या झाड़ियों वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आंबेगांव और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी तेंदुए देखे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। क्षेत्र में जंगल और मानव बस्तियों के बीच बढ़ती नजदीकी के कारण कई बार वन्यजीव रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेंदुए आमतौर पर इंसानों से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन भोजन की तलाश, जंगल क्षेत्र में बदलाव या प्राकृतिक आवास में कमी के कारण वे आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए और वन विभाग को तुरंत सूचना देनी चाहिए।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के अचानक दिखाई देने से कुछ समय के लिए गांव में अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग भी की गई है।
वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसके संभावित ठिकानों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से जंगल क्षेत्र में वापस भेजा जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को टाला जा सके।
आंबेगांव क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इलाके में वन क्षेत्र और खेती वाले क्षेत्रों के कारण तेंदुओं का आना-जाना बना रहता है। हालांकि, जब ये वन्यजीव रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं तो लोगों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन जाती है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे तेंदुए को देखकर उसके पास जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें। साथ ही, किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
फिलहाल मंगदेवाड़ी गांव में स्थिति नियंत्रण में है और वन विभाग की निगरानी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।