महाराष्ट्र

हिंगोली में LIGO इंडिया प्रोजेक्ट की तैयारियों की समीक्षा

Kavita2
28 July 2026 2:58 PM IST
हिंगोली में LIGO इंडिया प्रोजेक्ट की तैयारियों की समीक्षा
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हिंगोली : एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट (R&D) के डायरेक्टर नितिन जावले ने सोमवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले का दौरा किया और औंधा नागनाथ तहसील के दुधला इलाके में प्रस्तावित LIGO इंडिया प्रोजेक्ट की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परियोजना स्थल के आसपास लागू होने वाली विकास संबंधी पाबंदियों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता की अध्यक्षता में जिला कलेक्टर कार्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, संबंधित विभागों और परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान LIGO इंडिया प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी, औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य परियोजना क्षेत्र के आसपास ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करना था, जिनसे LIGO इंडिया की वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यप्रणाली पर किसी भी तरह का प्रभाव पड़ सकता है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए आसपास के क्षेत्रों में कुछ विशेष विकास नियम लागू किए जाएंगे, ताकि अत्यधिक कंपन, शोर और अन्य गतिविधियों से परियोजना प्रभावित न हो।

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित LIGO इंडिया प्रोजेक्ट साइट के आसपास 5, 15, 30 और 60 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग स्तर की विकास संबंधी पाबंदियां लागू करने पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में होने वाली औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।

बैठक में विशेष रूप से स्टोन क्रशर इकाइयों, खनन गतिविधियों, ब्लास्टिंग ऑपरेशन, भारी मशीनरी के उपयोग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी गतिविधियों से पैदा होने वाले कंपन (वाइब्रेशन) और ध्वनि का परियोजना की संवेदनशील तकनीक पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, 20 हॉर्सपावर से अधिक क्षमता वाली रेसिप्रोकेटिंग मशीनरी का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को लेकर भी समीक्षा की गई। इस तरह की मशीनों से उत्पन्न कंपन को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

बैठक में नए पावर प्रोजेक्ट, रेलवे रूट और विंडमिल परियोजनाओं से जुड़े पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि LIGO इंडिया जैसी अत्याधुनिक वैज्ञानिक परियोजना के लिए आसपास के क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को सीमित करना जरूरी है, जिनसे संवेदनशील उपकरणों के संचालन में बाधा आ सकती है।

LIGO इंडिया भारत की एक महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक परियोजना है, जिसका उद्देश्य गुरुत्वाकर्षण तरंगों (ग्रेविटेशनल वेव्स) के अध्ययन के लिए विश्वस्तरीय वेधशाला स्थापित करना है। इस परियोजना के जरिए भारत अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है।

हिंगोली के दुधला क्षेत्र को परियोजना के लिए चुना गया है और इसके निर्माण तथा संचालन से पहले कई तकनीकी और पर्यावरणीय पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि परियोजना के आसपास का क्षेत्र वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त बना रहे।

जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि LIGO इंडिया प्रोजेक्ट जिले के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

नितिन जावले ने भी अधिकारियों से परियोजना क्षेत्र में विकास गतिविधियों को लेकर सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि वैज्ञानिक मानकों और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएं।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि स्थानीय विकास और वैज्ञानिक परियोजना की जरूरतों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि परियोजना के आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन को भी प्रस्तावित नियमों और प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

LIGO इंडिया परियोजना के आने से हिंगोली जिले को वैज्ञानिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में अनुसंधान, तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए इसके आसपास की गतिविधियों को नियंत्रित करना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।

फिलहाल जिला प्रशासन और संबंधित विभाग परियोजना को लेकर आवश्यक तैयारियों में जुटे हैं। आने वाले समय में विकास संबंधी नियमों को अंतिम रूप देकर उन्हें लागू किया जाएगा, ताकि LIGO इंडिया प्रोजेक्ट बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।

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