मध्य प्रदेश

इंदौर हादसा: साड़ी में लगी आग से मासूम की मौत

Kavita2
28 July 2026 2:54 PM IST
इंदौर हादसा: साड़ी में लगी आग से मासूम की मौत
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इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। खाना बनाते समय एक महिला की साड़ी में अचानक आग लग गई। इस दौरान उनकी गोद में मौजूद दो वर्षीय मासूम बच्ची भी आग की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। अस्पताल ले जाने के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया, क्योंकि मासूम ने हादसे से ठीक एक दिन पहले ही अपना दूसरा जन्मदिन परिवार के साथ खुशी-खुशी मनाया था।

यह हृदयविदारक घटना इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के अंतर्गत राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के कुंगारा गांव में रविवार, 27 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे हुई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।

परिजनों के अनुसार, महिला अपने घर की रसोई में खाना बना रही थीं। इसी दौरान किसी कारणवश उनकी साड़ी में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला संभल नहीं सकीं। उस समय उनकी दो वर्षीय बेटी भी उनके बेहद करीब थी और कुछ ही क्षणों में वह भी आग की चपेट में आ गई।

बच्ची के मामा मनीष यादव ने बताया कि उनकी बहन जन्म से सुन और बोल नहीं सकती हैं। इसलिए जब उनकी साड़ी में आग लगी तो वह किसी को आवाज देकर मदद के लिए बुला नहीं सकीं। जब तक घर के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली, तब तक आग दोनों को गंभीर रूप से झुलसा चुकी थी।

उन्होंने बताया कि परिवार ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन मासूम बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी। महिला का उपचार जारी है और उनकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

परिवार के लोगों ने बताया कि 26 जुलाई को बच्ची का दूसरा जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ मनाया गया था। घर में सजावट की गई थी, केक काटा गया था और रिश्तेदारों के साथ खुशियां साझा की गई थीं। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अगले ही दिन परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।

गांव के लोगों ने बताया कि जन्मदिन की तस्वीरें और खुशियों की यादें अभी ताजा ही थीं कि अचानक इस हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। जन्मदिन की खुशी अगले ही दिन मातम में बदल गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे घरेलू हादसा माना है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई घरों में पारंपरिक चूल्हों या खुली आग पर खाना बनाया जाता है। ऐसे में ढीले कपड़े, विशेषकर साड़ी या दुपट्टा, आग की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। उन्होंने लोगों से रसोई में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि रसोई में खाना बनाते समय सूती और शरीर से सटे कपड़े पहनना अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है। साथ ही गैस स्टोव या चूल्हे के पास ज्वलनशील वस्तुओं को नहीं रखना चाहिए और बच्चों को आग के स्रोत से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए।

इस हादसे ने एक बार फिर रसोई सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है। छोटी-सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यदि आग लग जाए तो घबराने के बजाय तुरंत आग बुझाने के उपाय अपनाने और तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल मासूम बच्ची के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि प्रशासन ने भी परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि सभी के लिए यह संदेश भी है कि रसोई में सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना कितना आवश्यक है। थोड़ी-सी सतर्कता कई बार ऐसे दुखद हादसों को टाल सकती है।

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