Hormuz जलडमरूमध्य हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर की गई जान

Update: 2026-07-15 09:46 GMT

Pune पुणे :  ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए व्यापारी जहाज पर हमले के बाद लापता हुए पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि हो गई है। 30 वर्षीय हेरंब करमरकर ‘जीएफएस ग्लैक्सी’ नामक कमर्शियल जहाज पर तैनात थे। जहाज पर रविवार को हुए हमले के बाद वह लापता हो गए थे।

बुधवार को हेरंब करमरकर के परिवार और उनके ससुर विवेक टंडन ने उनकी मौत की जानकारी की पुष्टि की। परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि हेरंब का शव सुरक्षित तरीके से भारत लाकर परिजनों को सौंपा जाए।

हेरंब के ससुर विवेक टंडन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनका बेटा सिर्फ 30 साल का था। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि हेरंब के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द घर पहुंचाया जाए, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके।

जहाज पर हुआ था हमला

जानकारी के मुताबिक, ओमान के तट के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाज ‘जीएफएस ग्लैक्सी’ पर रविवार को हमला हुआ था। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी।

हमले के बाद भारतीय दूतावास और ओमान के अधिकारियों ने मिलकर खोज और बचाव अभियान चलाया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

भारत ने जताई चिंता

भारत सरकार ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे बेहद चिंताजनक घटना बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अधिकारी जहाज के प्रबंधन और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

ईरान पर लगाया गया हमले का आरोप

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘जीएफएस ग्लैक्सी’ पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हमला किया। अमेरिकी कमांड के अनुसार, हमले के बाद जहाज के एक क्रू मेंबर के लापता होने की जानकारी मिली थी।

अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया कि इससे पहले भी व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

हालांकि, इस मामले को लेकर ईरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का बढ़ा महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक व्यापारिक तेल का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि या तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।

इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, हेरंब करमरकर के परिवार को अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार है।

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