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भारी बारिश के बाद पुणे में पानी की गुणवत्ता को लेकर अलर्ट

पुणे : महाराष्ट्र के पुणे शहर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) ने पेयजल को लेकर नागरिकों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। नगर निकाय ने लोगों से अपील की है कि वे पीने के पानी का इस्तेमाल सावधानी से करें, क्योंकि बारिश के कारण जल स्रोतों से आने वाले कच्चे पानी में गंदगी और मिट्टी की मात्रा बढ़ गई है।
PMC के अधिकारियों के अनुसार, शहर को पानी सप्लाई करने वाले बांधों के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से जल स्रोतों में मिट्टी, गाद और सस्पेंडेड पार्टिकल्स की मात्रा काफी बढ़ गई है। यही पानी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच रहा है, जहां इसे शुद्ध करके शहर में सप्लाई किया जाता है।
नगर निगम ने बताया कि इस समय ट्रीटमेंट सेंटर में पहुंचने वाले कच्चे पानी में गंदगी का स्तर सामान्य से काफी अधिक हो गया है। पानी में मौजूद अशुद्धियों की मात्रा वॉटर प्यूरिफिकेशन प्लांट की निर्धारित क्षमता से ऊपर पहुंच गई है। इसके कारण सामान्य प्रक्रिया के जरिए पानी को पूरी तरह साफ करने में अतिरिक्त समय और प्रयास लग रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में मिट्टी का बहाव बढ़ जाता है। इससे पानी में गंदलेपन यानी टर्बिडिटी का स्तर बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पानी को साफ करने के लिए अतिरिक्त ट्रीटमेंट प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
PMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे पीने से पहले पानी को उबालकर इस्तेमाल करें या घरेलू स्तर पर उचित फिल्टर का उपयोग करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को पानी की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नगर निकाय ने यह भी कहा कि पानी की सप्लाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही हैं। पानी को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति कई बार बन जाती है, जब जल स्रोतों में मिट्टी और अन्य प्राकृतिक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में ट्रीटमेंट प्लांट इन अशुद्धियों को हटाने में सक्षम होते हैं, लेकिन लगातार भारी बारिश के कारण अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है।
PMC ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे पानी की बर्बादी से बचें और जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि अगर किसी क्षेत्र में पानी के रंग, गंध या गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित विभाग को तुरंत जानकारी दी जाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। कई लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में पानी का रंग और स्वाद बदलने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में नगर निगम की एडवाइजरी लोगों को सतर्क रहने में मदद करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में जल स्रोतों में गंदगी बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लंबे समय तक खराब पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है। दूषित पानी से पेट संबंधी बीमारियां और संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
नगर निगम ने भरोसा दिलाया है कि पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों की टीम लगातार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी कर रही है और स्थिति सामान्य होने तक अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी।
फिलहाल पुणे में भारी बारिश का दौर जारी है और जल स्रोतों पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है। PMC की एडवाइजरी का उद्देश्य नागरिकों को समय रहते सतर्क करना और पानी से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचाना है। नगर निगम ने लोगों से सहयोग करने और सावधानी के साथ पेयजल का इस्तेमाल करने की अपील की है।





