Maharashtra महाराष्ट्र: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में मुंबई में रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति (Consultative Committee) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य भारत की सुरक्षा नीतियों, रक्षा उत्पादन और उन्नत तकनीकी परियोजनाओं की समीक्षा करना था। बैठक में MoS Defence संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और आयात-निर्यात नीतियों पर चर्चा हुई। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय उद्योगों को अधिक अवसर और प्रोत्साहन देना, देश की रक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है।
बैठक के प्रमुख विषय:
सशस्त्र बलों की तैयारी और रणनीति: जनरल अनिल चौहान ने बलों की वर्तमान स्थिति, आवश्यक उपकरण और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। रक्षा उत्पादन और स्वदेशी तकनीक: सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार ने भारतीय रक्षा उद्योग में हाल की प्रगति और नई परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। बैठक में आधुनिक हथियार प्रणाली, एयरोनॉटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया। आयात-निर्यात नीति: बैठक में चर्चा हुई कि कैसे आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जा सकता है। 
सुरक्षा और तकनीकी नवाचार: बैठक में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी नवाचारों के माध्यम से रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दृष्टिकोण और नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि भारत की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि हो और देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादन और नवीन तकनीक में निवेश से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक भारतीय रक्षा नीति और सुरक्षा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण थी। उच्च स्तरीय अधिकारियों की भागीदारी और विस्तृत चर्चा ने यह संकेत दिया कि सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक पर विशेष ध्यान दे रही है।
बैठक के समापन पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की नियमित समीक्षा और सलाहकार बैठकें देश की सुरक्षा और उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाने में मदद करती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे दिशानिर्देशों के अनुसार तेजी से कार्यान्वयन करें और आवश्यक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। इस बैठक से यह स्पष्ट होता है कि भारत की रक्षा नीतियों में स्वदेशी उत्पादन, तकनीकी नवाचार और सशस्त्र बलों की तत्परता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह पहल देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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