छत्रपति संभाजीनगर के एशियन हॉस्पिटल में लगी आग, NICU के 9 नवजातों को सुरक्षित निकाला गया
छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जालना रोड स्थित एशियन हॉस्पिटल में लगी आग के दौरान अस्पताल प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
घटना के समय अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) वार्ड में नौ नवजात शिशुओं का इलाज चल रहा था। आग की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
NICU वार्ड में भर्ती थे नौ नवजात
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जिस समय आग लगी, उस समय NICU वार्ड में नौ नवजात मरीज भर्ती थे।
आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल स्टाफ सक्रिय हो गया और सबसे पहले नवजात बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
स्टाफ ने सावधानीपूर्वक सभी नौ बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया।
फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन की ओर से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
डॉ. शोएब हाशमी ने तुरंत अग्निशमन विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते कार्रवाई होने से अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और कर्मचारियों को भी सुरक्षित बचा लिया गया।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
आग लगने की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मरीजों के परिजन घबरा गए और अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थिति को संभाल लिया और सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए गए।
स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉर्पोरेटर उस्मा अब्दुल कादिर भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बचाव कार्य में सहयोग किया और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मचारियों की सराहना की।
आग लगने के कारणों की जांच
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। फायर ब्रिगेड और संबंधित विभाग आग के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से लगी थी।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
अस्पताल में आग की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
अस्पतालों में खासकर ICU और NICU जैसे संवेदनशील वार्डों में अग्नि सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर फायर अलार्म, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच जरूरी है।
बड़ा हादसा टला
एशियन हॉस्पिटल में लगी आग के दौरान सबसे बड़ी चिंता NICU में भर्ती नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर थी।
लेकिन अस्पताल कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस घटना में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने ली घटना की जानकारी
स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है और अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
छत्रपति संभाजीनगर के एशियन हॉस्पिटल में हुई यह घटना अस्पतालों में आपातकालीन तैयारियों की अहमियत को फिर से सामने लाती है। समय पर कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण नौ नवजातों समेत कई लोगों की जान बचाई जा सकी।