महाराष्ट्र

त्योहारों में नकली खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज

Ratna Netam
4 Sept 2026 2:59 PM IST
त्योहारों में नकली खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज
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मुंबई : त्योहारों का मौसम शुरू होते ही मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए एक खास अभियान की योजना तैयार की है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग ने त्योहारों के दौरान निगरानी और कार्रवाई के लिए एक विशेष ‘फेस्टिवल एनफोर्समेंट कैलेंडर’ तैयार किया है। इसके तहत पहले से तय योजना के अनुसार बाजारों, दुकानों और खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।
FDA की इस रणनीति के बाद मिलावट करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने उन खाद्य पदार्थों की पहचान की है, जिनमें त्योहारों के दौरान मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। दूध, मिठाई, खाद्य तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स, बेकरी उत्पाद समेत कई चीजों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
त्योहार से 21 दिन पहले शुरू होगी निगरानी
FDA की नई योजना के अनुसार बड़े त्योहारों से करीब 21 दिन पहले ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों की पहचान करेंगी और उन जगहों पर विशेष निगरानी रखेंगी जहां बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार या बेची जाती है।
अधिकारियों द्वारा पहले से यह तय किया जाएगा कि किन खाद्य पदार्थों की जांच करनी है, सैंपल कैसे लिए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन मिलने पर किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। इससे त्योहारों के दौरान मिलावट रोकने में तेजी आने की उम्मीद है।
11 हाई रिस्क खाद्य पदार्थों पर रहेगी नजर
FDA ने ऐसे 11 खाद्य पदार्थों की सूची तैयार की है, जिनमें मिलावट की संभावना अधिक मानी जाती है। इनमें शामिल हैं—
* दूध और डेयरी उत्पाद
* मिठाइयां
* खाद्य तेल
* मांस उत्पाद
* फल
* ड्राई फ्रूट्स
* बेसन
* पानी और बर्फ
* बेकरी सामग्री
* व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ
* अन्य पैक्ड खाद्य सामग्री
इन सभी उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई दुकानों पर रहेगी खास नजर
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग नकली खोवा, खराब सामग्री और प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल करते हैं। FDA की टीम मिठाई दुकानों और निर्माण इकाइयों की जांच करेगी।
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावे, रंग और चांदी के वर्क की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में होगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर दुकानदारों पर जुर्माना लगाने से लेकर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।
फ्राइंग ऑयल की भी होगी जांच
त्योहारों में पकौड़े, नमकीन और अन्य तली हुई चीजों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में पुराने और खराब तेल के इस्तेमाल पर भी FDA नजर रखेगा।
विभाग ने साफ किया है कि खाद्य तेल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। अगर तेल में हानिकारक तत्व तय सीमा से ज्यादा पाए जाते हैं तो उसे नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
सुबह और रात में भी होगी जांच
FDA की योजना केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन पर भी नजर रखी जाएगी। दूध और अन्य सामग्री की ढुलाई के दौरान भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों की टीमें बाजार, गोदाम, फैक्ट्री और परिवहन व्यवस्था की निगरानी करेंगी ताकि मिलावटी सामान लोगों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ा जा सके।
तुकाराम मुंढे की सख्त छवि
IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपनी सख्त कार्यशैली और नियमों के पालन को लेकर जाने जाते हैं। महाराष्ट्र FDA में आने के बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम उठाए हैं। मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वह लगातार चर्चा में रहे हैं।
हालांकि उनकी कुछ कार्रवाइयों को लेकर कानूनी सवाल भी उठे हैं और कुछ मामलों में अदालतों ने FDA की प्रक्रिया पर टिप्पणी की है।
कारोबारियों को नियम पालन की सलाह
FDA ने कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें। साफ-सफाई, गुणवत्ता और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
त्योहारों में सुरक्षित भोजन पर जोर
त्योहारों के दौरान लोग बड़ी मात्रा में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं। ऐसे में मिलावट रोकना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है।
FDA की नई रणनीति से उम्मीद है कि बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहतर होगी और मिलावट करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी।
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