महाराष्ट्र : बीड जिले में एक फिजियोथेरेपी इंस्टीट्यूट में छात्रा को क्लासरूम में खड़ा किए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि एक अभिभावक ने इंस्टीट्यूट परिसर में ही एक डॉक्टर और शिक्षक पर हमला कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

यह घटना बीड जिले के परली स्थित वैद्यनाथ फिजियोथेरेपी इंस्टीट्यूट की बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

छात्रा को क्लास में खड़ा करने को लेकर हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब एक छात्रा को किसी कारण से क्लासरूम में खड़ा किया गया था। छात्रा के अभिभावक ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने जानबूझकर उनकी बेटी को कक्षा में खड़ा किया।

इसी बात को लेकर अभिभावक और इंस्टीट्यूट के शिक्षक के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बहस में बदल गया।

आरोप है कि बहस के दौरान अभिभावक ने अपना आपा खो दिया और शिक्षक पर हमला कर दिया।

डॉक्टर पर हमले का वीडियो वायरल

घटना का वीडियो इंस्टीट्यूट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति को डॉक्टर के साथ बहस करते और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने वीडियो की जांच और घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इंस्टीट्यूट परिसर में मची अफरा-तफरी

बताया जा रहा है कि हमला इंस्टीट्यूट परिसर के अंदर हुआ, जिसके बाद वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। घटना के बाद इंस्टीट्यूट प्रशासन ने भी मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले के दौरान क्या-क्या हुआ।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों से जुड़े किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए और किसी भी स्थिति में हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।

शिक्षा संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षक कई बार छात्रों को समझाने या अनुशासनात्मक कदम उठाते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में अभिभावकों को भी संयम बरतने की जरूरत होती है।

अभिभावक-शिक्षक संवाद जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र, शिक्षक और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

अगर किसी अभिभावक को शिक्षक की कार्रवाई से आपत्ति है तो उसे संस्थान के प्रबंधन के सामने अपनी बात रखनी चाहिए, न कि विवाद को हिंसा तक पहुंचाना चाहिए।

आगे की कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इंस्टीट्यूट प्रशासन की ओर से भी घटना को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बीड के वैद्यनाथ फिजियोथेरेपी इंस्टीट्यूट में हुई यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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