मुंबई। ब्राह्मण समुदाय के कार्यकर्ता दीपक रन्नवारे ने परशुराम आर्थिक विकास महामंडल के लिए अधिक आर्थिक सहायता की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह 29 अगस्त से महात्मा गांधी चमन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

रन्नवारे ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से महामंडल के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके कारण इसके उद्देश्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं।

1000 करोड़ रुपये फंड देने की मांग

दीपक रन्नवारे ने सरकार से मांग की है कि परशुराम आर्थिक विकास महामंडल को 1000 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि महामंडल का गठन दो साल पहले किया गया था, लेकिन अब तक इसके लिए केवल 8 से 10 करोड़ रुपये ही मंजूर किए गए हैं।

उनका कहना है कि इतनी कम राशि से समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए प्रभावी योजनाएं चलाना संभव नहीं है।

आर्थिक सहायता बढ़ाने पर जोर

रन्नवारे ने कहा कि महामंडल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और अन्य विकास योजनाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है तो बड़ी संख्या में युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया आंदोलन का ऐलान

गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रन्नवारे ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि अब मजबूरी में उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

रन्नवारे ने बताया कि 29 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलेगा और मांग पूरी होने तक जारी रहेगा।

सरकार से हस्तक्षेप की अपील

ब्राह्मण समुदाय के कार्यकर्ता ने राज्य सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विकास के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने सरकार से महामंडल की आर्थिक क्षमता बढ़ाने की मांग की।

आंदोलन की तैयारियां शुरू

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा के बाद आंदोलन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

रन्नवारे ने समुदाय के लोगों और समर्थकों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक विकास से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

महामंडल की स्थापना का उद्देश्य

परशुराम आर्थिक विकास महामंडल का उद्देश्य समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता उपलब्ध कराना है।

इसके तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग देने की बात कही गई है।

हालांकि, रन्नवारे का कहना है कि सीमित बजट के कारण इन योजनाओं का लाभ बड़े स्तर पर नहीं पहुंच पा रहा है।

प्रशासन की नजर आंदोलन पर

भूख हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

हालांकि, अभी तक सरकार या प्रशासन की ओर से आंदोलन को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे आंदोलनों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां की जाती हैं।

अब सरकार के फैसले का इंतजार

दीपक रन्नवारे की घोषणा के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है।

यदि सरकार की ओर से बातचीत या फंड बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है।

फिलहाल रन्नवारे ने साफ कर दिया है कि 29 अगस्त से शुरू होने वाली भूख हड़ताल उनकी मांगों को लेकर होगी और समाधान मिलने तक जारी रहेगी।

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