MH-12 कोड पर मंथन, मोहोल ने गडकरी से की मुलाकात

Update: 2026-08-05 06:36 GMT

पुणे। पुणे की पहचान से जुड़े वाहन पंजीकरण कोड MH-12 को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नागरिक उड्डयन और सहकारिता राज्य मंत्री तथा पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोल ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। बैठक में पुणे आरटीओ की वाहन रजिस्ट्रेशन सीरीज को लेकर संभावित बदलाव और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

मुरलीधर मोहोल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मराठी में जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुणे आरटीओ में नए वाहनों के पंजीकरण के लिए वर्तमान में MH-12 ZZ सीरीज का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सीरीज अब समाप्त होने के करीब है, जिसके बाद नई सीरीज शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।



उन्होंने बताया कि नई सीरीज तय करने की प्रक्रिया के चलते पुणे के आरटीओ कोड MH-12 में बदलाव को लेकर कुछ अटकलें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि पुणे शहर की पहचान और लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह विषय महत्वपूर्ण है।

पुणे के वाहन मालिकों और स्थानीय लोगों के बीच MH-12 कोड को लेकर खास जुड़ाव रहा है। लंबे समय से यह कोड शहर की पहचान का हिस्सा माना जाता है। ऐसे में कोड में बदलाव की संभावना की खबरों के बाद लोगों में चर्चा शुरू हो गई थी।

मोहोल ने कहा कि पुणे की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस मामले को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान पुणे आरटीओ से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वाहन पंजीकरण की सीरीज में बदलाव एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। जब किसी आरटीओ में उपलब्ध नंबर सीरीज समाप्त होने लगती है तो परिवहन विभाग नई सीरीज जारी करता है। इसी प्रक्रिया के तहत MH-12 ZZ के बाद अगली सीरीज तय की जानी है।

हालांकि, नई सीरीज को लेकर लोगों में यह आशंका थी कि कहीं पुणे का मौजूदा MH-12 कोड ही न बदल दिया जाए। इसी वजह से यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

मुरलीधर मोहोल ने स्पष्ट किया कि पुणे की पहचान और नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

पुणे महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में वाहन पंजीकृत हैं। MH-12 कोड केवल एक प्रशासनिक पहचान नहीं, बल्कि शहर के लोगों के लिए भावनात्मक जुड़ाव का विषय भी बन चुका है।

परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आरटीओ कोड में बदलाव का असर वाहन मालिकों, दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। इसलिए ऐसे निर्णय लेते समय संबंधित पक्षों की सुविधा और स्थानीय भावनाओं को ध्यान में रखना जरूरी होता है।

फिलहाल पुणे आरटीओ में नई वाहन सीरीज तय करने की प्रक्रिया जारी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि MH-12 के बाद कौन सी नई सीरीज लागू की जाती है और क्या मौजूदा आरटीओ कोड को बरकरार रखा जाएगा।

मोहोल की गडकरी से मुलाकात के बाद पुणे के वाहन मालिकों में उम्मीद जगी है कि शहर की पहचान से जुड़े इस कोड को लेकर जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासनिक स्तर पर अंतिम निर्णय आने के बाद ही नई व्यवस्था की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Tags:    

Similar News