दामिनी स्क्वाड का ‘ऑपरेशन सजग’, अवैध मोबाइल बिक्री का खुलासा

Update: 2026-08-06 10:09 GMT

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव जिले में महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें ‘दामिनी स्क्वाड’ ने अंडरकवर ऑपरेशन के जरिए कॉलेज और स्कूलों के बाहर चल रही अवैध गतिविधियों का खुलासा किया। ‘ऑपरेशन सजग’ नाम से चलाए गए इस अभियान में महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं का भेष धारण कर कई दिनों तक शैक्षणिक संस्थानों के आसपास निगरानी की और छोटे आकार के मोबाइल फोन बेचने वाले विक्रेताओं की पहचान की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल अवैध मोबाइल बिक्री पर कार्रवाई करना नहीं था, बल्कि ऐसी गतिविधियों पर नजर रखना भी था, जिनसे छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के निर्देश पर दामिनी स्क्वाड की महिला अधिकारियों ने सादे कपड़ों में स्कूलों और कॉलेजों के आसपास गुप्त निगरानी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि कुछ अस्थायी स्टॉल और सड़क किनारे लगाए गए ठेलों पर बेहद छोटे आकार के मोबाइल फोन बेचे जा रहे थे। इन मोबाइल उपकरणों को आसानी से छिपाया जा सकता था, जिससे छात्राएं इन्हें अपने माता-पिता या शिक्षकों की जानकारी के बिना इस्तेमाल कर सकती थीं।

पुलिस के मुताबिक, इन छोटे मोबाइल फोन की कीमत करीब 900 से 1,000 रुपये के बीच थी। जांच में सामने आया कि कुछ विक्रेता विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को इन उपकरणों की बिक्री कर रहे थे। अधिकारियों ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि ऐसे फोन का इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है।

दामिनी स्क्वाड की महिला अधिकारियों ने छात्राओं के बीच रहकर वहां की गतिविधियों को समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ विक्रेता छात्राओं को आकर्षित करने के लिए छोटे और आसानी से छिपाए जा सकने वाले मोबाइल फोन उपलब्ध करा रहे थे।

पुलिस ने बताया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा कथित रूप से छात्राओं को इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल निजी बातचीत के लिए करने की जानकारी भी सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि इनका उपयोग बिना निगरानी के किया जा सकता है।

‘ऑपरेशन सजग’ के तहत पुलिस ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का काम किया। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा चलाया गया यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई बार छात्राएं और युवा पुलिस के सामने अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाते। अंडरकवर तरीके से जांच करने पर पुलिस को वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलती है।

पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें डिजिटल उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक करें। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग छात्रों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन गलत इस्तेमाल से परेशानियां पैदा हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों और किशोरों के बीच मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल सुरक्षा और निगरानी से जुड़े नए सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अभिभावकों, शिक्षकों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

जलगांव पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अवैध गतिविधियों और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

‘ऑपरेशन सजग’ ने यह दिखाया है कि पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों को पहचानकर उन्हें रोकने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा सकती है। दामिनी स्क्वाड की इस पहल को छात्राओं की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Tags:    

Similar News