मुंबई। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों में पानी का कुल स्टॉक शनिवार को घटकर 97.39 प्रतिशत रह गया। पिछले 24 घंटों के दौरान इन जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बारिश दर्ज नहीं होने के कारण पानी के भंडार में मामूली कमी आई है। हालांकि सातों जलाशयों में अभी भी उनकी कुल क्षमता के मुकाबले बड़ी मात्रा में उपयोगी पानी मौजूद है।

26 सितंबर को भांडुप कॉम्प्लेक्स स्थित मास्टर कंट्रोल सेंटर से हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले सात जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है। इसके मुकाबले शनिवार को इन जलाशयों में कुल 14,09,600 मिलियन लीटर उपयोगी लाइव स्टोरेज दर्ज किया गया। इस तरह कुल उपलब्ध जल भंडार क्षमता का 97.39 प्रतिशत रहा।

पिछले 24 घंटों में सातों जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के कारण जलस्तर में नई बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई। मानसून के दौरान जलाशयों में जमा होने वाला पानी मुंबई की जलापूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। शहर की दैनिक पानी की जरूरत का बड़ा हिस्सा इन्हीं जलाशयों के माध्यम से पूरा किया जाता है।

सातों जलाशयों में 14.09 लाख मिलियन लीटर पानी

हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सभी सात जलाशयों को मिलाकर कुल उपयोगी जल भंडार 14,09,600 मिलियन लीटर दर्ज किया गया है। इनकी कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है। इस हिसाब से जलाशयों में 97.39 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है।

बारिश नहीं होने की स्थिति में जलाशयों से शहर के लिए नियमित जलापूर्ति जारी रहने के कारण पानी का स्टॉक धीरे-धीरे कम होता है। शनिवार को सामने आए आंकड़ों में भी यही स्थिति दिखाई दी। कैचमेंट एरिया में पिछले 24 घंटे में बारिश नहीं होने से जलाशयों में अतिरिक्त पानी नहीं पहुंचा और कुल स्टॉक में कमी दर्ज हुई।

मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था सात प्रमुख जलाशयों पर निर्भर है। इनमें जमा पानी का स्तर मानसून के दौरान लगातार बढ़ता है और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद यही भंडार आने वाले महीनों में शहर की पानी की जरूरत पूरी करने में अहम भूमिका निभाता है।

कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं

शनिवार की रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पिछले 24 घंटे के दौरान सभी सात जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश नहीं होने के कारण जलाशयों के जलस्तर में प्राकृतिक रूप से बढ़ोतरी नहीं हुई।

मानसून के दौरान जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्र में होने वाली बारिश से इनमें पानी जमा होता है। अच्छी बारिश होने पर जलाशय अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच जाते हैं। वहीं बारिश रुकने के बाद शहर को की जाने वाली नियमित जलापूर्ति के कारण इनमें मौजूद उपयोगी पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है।

26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार जलाशयों में अभी कुल क्षमता का 97 प्रतिशत से अधिक पानी उपलब्ध है। यानी जल भंडारण की स्थिति अभी उच्च स्तर पर बनी हुई है। हालांकि पानी के स्टॉक में होने वाले बदलाव पर हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग लगातार निगरानी रख रहा है।

रोज जारी होती है जल भंडारण की रिपोर्ट

मुंबई में जलाशयों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाती है। भांडुप कॉम्प्लेक्स के मास्टर कंट्रोल सेंटर के माध्यम से जलाशयों में मौजूद उपयोगी पानी, उनकी कुल क्षमता और कैचमेंट एरिया में हुई बारिश से संबंधित आंकड़े जुटाए जाते हैं।

इन आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी सामने आती है कि शहर के लिए कितना पानी उपलब्ध है और जलाशयों का स्टॉक कुल क्षमता के मुकाबले कितने प्रतिशत है। 26 सितंबर की ताजा रिपोर्ट में कुल उपयोगी लाइव स्टोरेज 14,09,600 मिलियन लीटर दर्ज किया गया।

मुंबई जैसे बड़े महानगर में पानी की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए जलाशयों में पर्याप्त स्टॉक होना जरूरी है। इसलिए मानसून के दौरान होने वाली बारिश और जलाशयों के भरने की स्थिति पर विशेष नजर रखी जाती है।

मानसून के बाद काम आएगा जमा पानी

जलाशयों में मानसून के दौरान जमा पानी आने वाले महीनों में मुंबई की जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बारिश कम होने या पूरी तरह बंद होने के बाद जलाशयों में नया पानी पहुंचना कम हो जाता है, जबकि शहर में रोजाना पानी की आपूर्ति जारी रहती है। इसी कारण मानसून के अंतिम दौर से जल भंडार धीरे-धीरे कम होने लगता है।

शनिवार को दर्ज 97.39 प्रतिशत स्टॉक बताता है कि सातों जलाशयों में अभी उनकी कुल क्षमता के मुकाबले अधिकांश पानी उपलब्ध है। कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर के मुकाबले 14,09,600 मिलियन लीटर उपयोगी लाइव स्टोरेज मौजूद है।

पिछले 24 घंटों में कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के बावजूद जलाशयों में पानी का स्तर कुल क्षमता के 97 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है। हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की ओर से जलाशयों के जलस्तर और बारिश की स्थिति की नियमित निगरानी जारी है।

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