भिवंडी। गंगाराम वाडी में कोहिनूर बिल्डिंग गिरने की घटना और शहर की खराब होती सड़क व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भिवंडी-निजामपुर शहर नगर निगम (BNCMC) प्रशासन हरकत में आ गया है। ठाणे जिले के कलेक्टर और BNCMC कमिश्नर श्रीकृष्ण पंचाल ने बुधवार शाम एक आपात समीक्षा बैठक कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
बैठक में उन्होंने जर्जर इमारतों की पहचान, सड़क व्यवस्था में सुधार और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कई सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने साफ कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
BNCMC मुख्यालय में हुई हाईलेवल बैठक
बुधवार शाम BNCMC मुख्यालय में आयोजित इस सुरक्षा समीक्षा बैठक में नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एडिशनल कमिश्नर विट्ठल डाके, डिप्टी कमिश्नर सपना वसावा और बालकृष्ण क्षीरसागर, सिटी इंजीनियर जमील पटेल, टाउन प्लानिंग के असिस्टेंट डायरेक्टर अजय साबले सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख और इंजीनियरिंग अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में मौजूद जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाना था।
कोहिनूर बिल्डिंग मामले पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान गंगाराम वाडी स्थित कोहिनूर बिल्डिंग गिरने की घटना पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने शहर की खतरनाक और जर्जर इमारतों की स्थिति की समीक्षा की।
कमिश्नर श्रीकृष्ण पंचाल ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि गिरने से पहले कोहिनूर बिल्डिंग को C-2A कैटेगरी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि असुरक्षित इमारतों का वर्गीकरण बेहद जिम्मेदारी वाला काम है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इमारतों की सुरक्षा जांच में तय मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए और रिपोर्ट तैयार करने में किसी प्रकार की अनदेखी न हो।
जर्जर इमारतों की दोबारा जांच के निर्देश
कमिश्नर ने शहर में मौजूद सभी खतरनाक और पुराने भवनों की स्थिति की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी इमारतों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि भवनों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए और जिन इमारतों में खतरा पाया जाए, वहां तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सड़क व्यवस्था सुधारने पर भी जोर
बैठक में भिवंडी की खराब होती सड़क व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। शहर में कई जगहों पर खराब सड़कों, गड्ढों और यातायात संबंधी समस्याओं को लेकर नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत और रखरखाव के काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इंजीनियरिंग विभाग को दिए निर्देश
समीक्षा बैठक में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से शहर के बुनियादी ढांचे की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान पर काम किया जाना चाहिए, ताकि बार-बार होने वाली समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके।
सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं
श्रीकृष्ण पंचाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इमारतों की जांच, सड़क व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी
कोहिनूर बिल्डिंग हादसे के बाद शहर में जर्जर इमारतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। भिवंडी जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुराने और कमजोर भवनों की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रशासन की ओर से अब इस दिशा में सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा संबंधी मामलों में लगातार निगरानी रखी जाएगी।
कुल मिलाकर, भिवंडी में कोहिनूर बिल्डिंग हादसे के बाद BNCMC प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर सख्ती दिखाई है। कमिश्नर श्रीकृष्ण पंचाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में जर्जर इमारतों की जांच और सड़क सुधार को लेकर दिए गए निर्देश आने वाले दिनों में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं।