मुंबई में शुरू हुआ ‘ब्रिक्स वेव्स बाजार’, क्रिएटिव इकॉनमी में सहयोग बढ़ाने पर जोर

Update: 2026-08-07 11:59 GMT

मुंबई। नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) ने गुरुवार को मुंबई में दो दिवसीय ‘ब्रिक्स वेव्स बाजार’ का उद्घाटन किया। इस आयोजन का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के बीच रचनात्मक उद्योगों में सहयोग को मजबूत करना और फिल्म, मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इसमें सरकारों, फिल्म निर्माण कंपनियों, प्रसारण संस्थानों, ओटीटी प्लेटफॉर्म, प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, निवेशकों और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

क्रिएटिव इकॉनमी को बढ़ावा देने की पहल

‘ब्रिक्स वेव्स बाजार’ को रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विस्तार और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न देशों के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे नए विचारों, परियोजनाओं और व्यावसायिक संभावनाओं पर चर्चा कर सकें।

कार्यक्रम के माध्यम से भारत ब्रिक्स देशों के बीच फिल्म और मीडिया क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

फिल्म और मीडिया उद्योग के दिग्गजों की भागीदारी

कार्यक्रम में फिल्म निर्माण से जुड़े प्रमुख संस्थानों के अलावा मीडिया और मनोरंजन उद्योग के कई महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें प्रोडक्शन हाउस, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी कंपनियां और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।

आयोजन में शामिल प्रतिनिधि फिल्म निर्माण, कंटेंट वितरण, डिजिटल माध्यमों और मनोरंजन क्षेत्र में बदलते वैश्विक रुझानों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

को-प्रोडक्शन और कंटेंट फाइनेंसिंग पर चर्चा

‘ब्रिक्स वेव्स बाजार’ में आयोजित सत्रों का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए फिल्मों और अन्य रचनात्मक परियोजनाओं के निर्माण पर है।

कार्यक्रम में को-प्रोडक्शन यानी विभिन्न देशों के सहयोग से फिल्म निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग और नए बाजारों तक पहुंच जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग देशों के फिल्म उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ने से स्थानीय कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीक पर जोर

आयोजन में डिजिटल बदलाव और उभरती तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बदलते समय में फिल्म और मनोरंजन उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीकों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

कार्यक्रम में तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप के प्रतिनिधि डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल, नए बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।

बौद्धिक संपदा अधिकार और महिला उद्यमिता

ब्रिक्स वेव्स बाजार में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स यानी बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर भी चर्चा हो रही है। रचनात्मक उद्योगों में कंटेंट की सुरक्षा और अधिकारों का प्रबंधन एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।

इसके अलावा महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य रचनात्मक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहित करना है।

बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों का आयोजन

दो दिवसीय कार्यक्रम में कॉन्फ्रेंस, पैनल चर्चा, नेटवर्किंग सत्र और विशेष बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

इन बैठकों के जरिए फिल्म निर्माताओं, निवेशकों और कंपनियों को संभावित साझेदारी तलाशने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे नए प्रोजेक्ट्स के लिए निवेश और सहयोग के रास्ते खुल सकते हैं।

ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती

ब्रिक्स वेव्स बाजार केवल व्यावसायिक मंच ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी माध्यम है। फिल्म और मीडिया के जरिए विभिन्न देशों की संस्कृतियों और कहानियों को एक-दूसरे तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत लंबे समय से सिनेमा को सांस्कृतिक कूटनीति के एक प्रभावी माध्यम के रूप में देखता रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए भारतीय फिल्म उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

मनोरंजन उद्योग के भविष्य पर मंथन

कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक सहयोग की भूमिका और बढ़ेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने कंटेंट निर्माण और वितरण के तरीकों को बदल दिया है।

ऐसे में ब्रिक्स वेव्स बाजार जैसे मंच फिल्म उद्योग को नई साझेदारियों और व्यावसायिक संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दो दिन तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि रचनात्मक उद्योग के विकास, तकनीकी बदलाव और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

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