Thane ठाणे: ठाणे की विशेष POCSO अदालत ने 34 वर्षीय वीरेंद्र कुमार लाहुनी यादव को 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश निवासी आरोपी ने बच्ची को बस में अकेले ले जाकर उसके साथ घिनौना अपराध किया और फिर उसे मृत समझकर प्लास्टिक की थैली में डालकर सड़क किनारे फेंक दिया।
घटना का पूरा विवरण
यह घटना 20 दिसंबर 2020 की सुबह ठाणे के भोलानगर इलाके में हुई थी। आरोपी यादव की बस में कुछ बच्चे खेल रहे थे, तभी उसने अन्य बच्चों को बाहर निकालकर पीड़िता को बस में अकेला छोड़ दिया। इसके बाद उसने बच्ची के साथ क्रूर यौन उत्पीड़न किया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने पीड़िता के शरीर पर 14 टांके लगाए थे।
वारदात के बाद बच्ची बेहोश हो गई, जिसे आरोपी ने मृत समझकर प्लास्टिक की थैली में डालकर सड़क किनारे फेंक दिया। हालांकि, राहगीरों ने समय रहते बच्ची को देख लिया और उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।
अदालत का कड़ा रुख
विशेष POCSO न्यायाधीश डी.एस. देशमुख ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध "अत्यंत क्रूर और अमानवीय" है। अदालत ने कहा,
"आरोपी ने न सिर्फ एक मासूम बच्ची को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि उसे मरने के लिए छोड़ दिया। ऐसे अपराध के लिए किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।"
माता-पिता की शिकायत से खुला मामला
जब बच्ची के माता-पिता ने उसे लापता पाया तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को अकेले बस में रखा और उसके साथ घिनौना अपराध किया। कोर्ट ने इस अपराध को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए आरोपी को उम्रकैद
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