Bihar: खान सर से जुड़े विवाद पर Bada Business के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. विवेक बिंद्रा ने संयम, निष्पक्षता और जिम्मेदार संवाद की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता और समाज को तथ्यों के आधार पर ही राय बनानी चाहिए। उनके अनुसार, बिना पुष्टि के किसी को दोषी या निर्दोष ठहराना सही नहीं है और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित होता है।
डॉ. बिंद्रा ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। यह मामला शुरुआत में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े दो व्यक्तियों के बीच का था, लेकिन अब यह राष्ट्रीय स्तर की बहस बन गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्णय केवल साक्ष्य, तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर चल रही धारणाओं के आधार पर।
उन्होंने मीडिया और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका पर भी जोर दिया। उनके अनुसार मीडिया का काम सवाल उठाना है, लेकिन बिना पूरी जानकारी के किसी को दोषी या निर्दोष घोषित करना जिम्मेदार पत्रकारिता नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज को शोर-शराबे की बजाय तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि सत्य तक पहुंचने का रास्ता केवल साक्ष्यों से होकर गुजरता है।
इस दौरान उन्होंने रौशन आनंद के परिवार के प्रति भी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में हुई घटना बेहद दुखद है और ऐसे समय में संवेदनशीलता के साथ-साथ निष्पक्ष जांच भी जरूरी है, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि हर परिवार को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी मामले में जल्दबाजी में राय बनाना ठीक नहीं है।
डॉ. विवेक बिंद्रा ने छात्रों से भी अपील की कि वे इस तरह के विवादों से दूर रहें और अपनी पढ़ाई व लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि अनावश्यक विवादों में उलझना उनके करियर को प्रभावित कर सकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि खान सर मामले को केवल एक व्यक्ति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह मीडिया की जिम्मेदारी, शिक्षा जगत की गरिमा और सार्वजनिक बहस की गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा भी है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और संतुलित सोच को ही जिम्मेदार समाज की पहचान बताया।