भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) एक बार फिर देशभर के छात्र-छात्राओं के बड़े सांस्कृतिक मिलन का केंद्र बनने जा रहा है। संस्थान में 11 से 13 सितंबर तक मध्य भारत के सबसे बड़े इंटर-कॉलेज फेस्टिवल ‘तूर्यनाद ’26’ (Tooryanaad ’26) के 15वें संस्करण का आयोजन किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देश के 22 से अधिक राज्यों के 4 हजार से ज्यादा छात्र हिस्सा लेंगे।

इस वर्ष फेस्टिवल की थीम ‘भारत: आर्य, अध्यात्म, अभ्युदय’ रखी गई है। आयोजन के जरिए भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक तूर्यनाद केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवाओं को एक मंच पर लाने और उन्हें भारतीय संस्कृति की विविधता से परिचित कराने का अवसर भी है।

15वें संस्करण को लेकर तैयारियां तेज

तूर्यनाद के 15वें संस्करण को लेकर MANIT परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बुधवार को स्टूडेंट्स प्रेसिडेंट अर्पिता चौधरी ने मीडिया को आयोजन से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष फेस्टिवल में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के पहुंचने की उम्मीद है। 22 से अधिक राज्यों के 4 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की भागीदारी कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देगी।

आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न मंच उपलब्ध कराए जाएंगे। साहित्य, संगीत, नृत्य, थिएटर और डिबेट जैसे क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अलावा फेस्टिवल में छात्रों को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, कला और विचारों को जानने-समझने का अवसर भी मिलेगा।

साहित्य से संगीत और थिएटर तक मुकाबले

फेस्टिवल के दौरान कुल 12 मुख्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें साहित्य, संगीत, नृत्य, थिएटर और डिबेट सहित विभिन्न विधाओं को शामिल किया गया है। इन प्रतियोगिताओं में देशभर से आने वाले छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

साहित्य से जुड़े आयोजन छात्रों को लेखन और अभिव्यक्ति का मंच देंगे, वहीं संगीत और नृत्य प्रतियोगिताओं में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। थिएटर के जरिए विद्यार्थी सामाजिक और समकालीन विषयों को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करेंगे। डिबेट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और तर्क रखने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देना है।

दो लाख रुपये के पुरस्कार

तूर्यनाद ’26 में आयोजित होने वाली मुख्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। इससे प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।

आयोजन समिति के अनुसार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ देश के अलग-अलग संस्थानों के विद्यार्थियों से संवाद और नेटवर्किंग का अवसर भी मिलेगा। ऐसे आयोजनों से छात्रों को कक्षा और पाठ्यक्रम से अलग अपनी रुचि के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मंच मिलता है।

भारतीय संस्कृति और आधुनिक सोच का संगम

इस वर्ष की थीम में भारतीय विरासत, आध्यात्मिकता और प्रगति को केंद्र में रखा गया है। आयोजकों के मुताबिक इसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हुए आधुनिक भारत की आकांक्षाओं और उपलब्धियों को भी सामने लाना है।

‘भारत: आर्य, अध्यात्म, अभ्युदय’ थीम के माध्यम से आयोजन में भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ देश की प्रगति की दिशा को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। तीन दिनों के दौरान विभिन्न प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं में भारतीय कला और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे।

देशभर के युवाओं का मिलेगा मंच

तूर्यनाद की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग राज्यों और संस्थानों से आने वाले विद्यार्थी एक ही परिसर में एकत्रित होते हैं। इससे छात्रों को न केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलता है, बल्कि वे अलग-अलग क्षेत्रों की भाषा, कला, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को भी करीब से समझ पाते हैं।

आयोजन समिति के अनुसार फेस्टिवल के जरिए विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। विभिन्न राज्यों से आने वाले छात्र अपनी स्थानीय संस्कृति और प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करेंगे, जिससे कार्यक्रम में भारत की विविधता की झलक दिखाई देगी।

भोपाल में जुटेगा युवा प्रतिभाओं का हुजूम

11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाला तूर्यनाद ’26 भोपाल के लिए भी खास आयोजन होगा। तीन दिनों तक MANIT परिसर में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र-छात्राओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहने की संभावना है।

MANIT द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल का 15वां संस्करण ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के युवा अपनी परंपराओं और आधुनिक विचारों के बीच नया संतुलन तलाश रहे हैं। ऐसे में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव को केंद्र में रखी गई इस वर्ष की थीम युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच देने का प्रयास करेगी।

आयोजकों को उम्मीद है कि देश के 22 से अधिक राज्यों से आने वाले 4 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों की मौजूदगी और 12 प्रमुख प्रतियोगिताओं के साथ तूर्यनाद ’26 MANIT के साथ-साथ भोपाल के सांस्कृतिक कैलेंडर में भी एक प्रमुख आयोजन के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

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