बांदा में नकली शराब रैकेट का खुलासा, फरार आरोपी पर 20 हजार का इनाम घोषित
सागर। सागर जिले के बांदा इलाके में पुलिस ने नकली शराब के कारोबार से जुड़े एक कथित रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध शराब, खाली बोतलें, ढक्कन और लेबल सहित शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की है। पुलिस ने मामले के फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल एक फरार संदिग्ध पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने रैकेट से जुड़े मुख्य आरोपियों में से एक चंदू राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में एक अन्य प्रमुख संदिग्ध मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक मनीष शराब की दुकान भी चलाता है और कथित तौर पर नकली शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ था।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि मामले में फरार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने या उसके संबंध में विश्वसनीय जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बरामद सामग्री के आधार पर रैकेट के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर तैयार की जा रही नकली शराब को कहां-कहां सप्लाई किया जाता था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
मक्के के खेत से मिली बड़ी मात्रा में सामग्री
पुलिस कार्रवाई के दौरान चंदू राजपूत के मक्के के खेत से नकली शराब तैयार करने और उसकी पैकिंग से संबंधित कई सामान बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार खेत से कुल 164 खाली क्वार्टर बोतलें मिली हैं। इनमें ‘सागर गोल्ड’ ब्रांड की बोतलें और सादी शराब की खाली बोतलें शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से करीब 27 लीटर घटिया शराब भी जब्त की है। शराब की पैकिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले करीब 170 बोतल के ढक्कन और लगभग 150 लेबल भी पुलिस के हाथ लगे हैं। बरामद लेबल और बोतलों को देखते हुए पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाना था।
पुलिस ने शराब नापने का उपकरण भी जब्त किया है। इसके अलावा मौके से फेविकोल, टेप और एक ब्लेड बरामद हुआ है। शराब भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले दो फनल, जिनमें एक छोटा और एक बड़ा फनल शामिल है, भी पुलिस ने जब्त किए हैं। मौके से 11 कार्डबोर्ड कार्टन भी बरामद किए गए।
पैकिंग और लेबलिंग की जांच
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि कथित तौर पर शराब को बोतलों में भरने, ढक्कन लगाने और लेबल चिपकाने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री का वास्तविक इस्तेमाल किस स्तर पर और कितनी मात्रा में किया गया था।
पुलिस ने जब्त सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया है। शराब के नमूने भी परीक्षण के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया में हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और उनमें मौजूद पदार्थों की पुष्टि की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि शराब का निर्माण कहां किया जाता था और इसे बाजार में किन माध्यमों से पहुंचाया जाता था।
आरोपी ने खुद को करणी सेना का डिविजनल चीफ बताया
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी चंदू राजपूत ने पूछताछ के दौरान खुद को करणी सेना का डिविजनल चीफ बताया है। पुलिस अब उसके इस दावे और संगठन से उसके वास्तविक संबंधों की भी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि किसी संगठन से जुड़े होने का दावा करना और अपराध में संलिप्तता अलग-अलग विषय हैं। इसलिए मामले में आरोपी की भूमिका का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर किया जाएगा।
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस की जांच अब केवल बरामद सामग्री तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली शराब के कारोबार में सप्लाई चेन किस तरह काम कर रही थी। इसमें कच्चे माल की व्यवस्था, शराब तैयार करने, बोतल में भरने, लेबल लगाने और फिर बाजार तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर की भूमिका को भी गंभीरता से जांच रही है। चूंकि उसके पास शराब की दुकान होने की जानकारी सामने आई है, इसलिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नकली शराब की बिक्री में दुकान या उसके नेटवर्क का किसी तरह इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी
सागर पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध और नकली शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बांदा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री से जुड़ी कोई जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि दूसरे प्रमुख संदिग्ध की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा घोषित 20 हजार रुपये के इनाम के बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास और तेज किए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नकली शराब के इस कथित नेटवर्क के पूरे स्वरूप और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।