इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कान्ह नदी के किनारे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई जारी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम ने नदी किनारे बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान करीब 95 अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया, जबकि लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा किया गया है।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर विरोध भी देखने को मिला। प्रशासनिक अमले की कार्रवाई का विरोध करने और उसमें बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई होने की भी जानकारी सामने आई है। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

NGT के आदेश के बाद कार्रवाई

कान्ह नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के बाद की जा रही है। नदी और उसके आसपास के क्षेत्र में अवैध निर्माण और कब्जे को पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर माना गया है। प्रशासन का उद्देश्य नदी के प्रवाह क्षेत्र और उसके आसपास की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना है।

इसी क्रम में प्रशासन ने नदी किनारे स्थित निर्माणों को चिह्नित किया और उसके बाद उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, चिह्नित किए गए अवैध निर्माणों को नियमों के तहत हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

95 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान करीब 95 अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। इनमें अलग-अलग तरह के निर्माण शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान की थी।

बुलडोजर चलने के साथ ही कई स्थानों पर लोगों ने इसका विरोध किया। कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला और विरोध करने वालों को मौके से हटाया।

अतिक्रमण हटाने के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिसकर्मियों से हाथापाई का आरोप

कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई होने की भी बात सामने आई है। प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों को हटाने के दौरान विवाद बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को पीछे हटने की चेतावनी दी। विरोध जारी रहने पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि कार्रवाई के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

100 करोड़ की जमीन हुई कब्जामुक्त

प्रशासन के अनुसार कार्रवाई के बाद करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इतनी बड़ी कीमत की सरकारी या संबंधित जमीन पर लंबे समय से कब्जे की स्थिति प्रशासन के लिए चुनौती मानी जा रही थी।

जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद अब इसके संरक्षण और भविष्य में दोबारा कब्जा रोकने की चुनौती भी प्रशासन के सामने होगी। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा निगरानी और सीमांकन की व्यवस्था की जा सकती है।

नदी क्षेत्र को बचाने पर जोर

कान्ह नदी इंदौर के महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल है। नदी के आसपास अतिक्रमण बढ़ने से उसके प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका रहती है। नदी के किनारे निर्माण होने से जल निकासी और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी परेशानी बढ़ सकती है।

इसी कारण नदी के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नदी के प्राकृतिक क्षेत्र को सुरक्षित रखना जरूरी है।

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