गर्मी में लोग बेहाल दिखे, धूप से बचने मुंह ढंककर निकले, शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी बिक्री
Raisen। गर्मी का मौसम अपना तेवर बनाए हुए हैं। सुबह सूर्य की तेजकिरणें धरती पर पड़ने से लोग बेहाल हो जाते हैं।भीषण गर्मी का अब जन स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में जो मरीज आ रहे हैं उनमें उल्टी, दस्त, बुखार, लू सिरदर्द आदि के मरीज अधिक आ रहे हैं। जिससे निजी अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बढ़ गई है।
गर्मी में तरल पदार्थों का अधिक करें सेवन.....
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा. अनिल ओढ़ आरएमओ डॉ दीपक गुप्ता के मुताबिक गर्मी के कारण लू लगने के साथ ही उल्टी, दस्त, बुखार, सिरदर्द, जी मचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सावधानी बरतने पर इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। वैसे गर्मियों में लोगों चाहिए कैरी पना नारियल पानी खूब पिएं, तरल भोजन का इस्तेमाल अधिक करें और जब भी घर से बाहर निकलें तो पेटभर ठंडा पानी पीकर निकलें।शरीर ढंककर जाएं।जिससे धूप न लगे।
सूरज ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को तापमान का पारा 41 डिग्री के पार पहुंच गया। न्यूनतम पारे में भी 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। जिससे दिन में शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। छुट्टी के दिन भी अब लोग घरों से नहीं निकले। गर्मी के चलते शीतल पेय पदार्थों की डिमांड भी बढ़ गई है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम 23 डिग्री। मौसम में आर्द्रता 41 प्रतिशत रही। वहीं हवाएं 5 किलोमीटर प्रति घंटे से चलीं। एक तरफ गर्मी और दूसरी तरफ गर्म हवाओं से बचने के लिए हर कोई मुंह ढंककर चल रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थो का भी खूब उपयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि सुबह-शाम जूस लस्सी और शीतल पेय पदार्थो की दुकानों पर लोगों की भीड़ बनी रहती है।