सिरोंज। सावन के पावन अवसर पर सोमवार को सिरोंज में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर और आसपास के क्षेत्रों से 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया। ‘बाबा विश्वनाथ धाम तीर्थ क्षेत्र देवपुर कांवड़ यात्रा समिति’ के बैनर तले आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल हुए। दोपहर में शुरू हुई यात्रा करीब 12 किलोमीटर का सफर तय करते हुए देवपुर के प्राचीन शिव मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की प्रतिमा पर पवित्र जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
कांवड़ यात्रा की शुरुआत दोपहर करीब 12 बजे हाजीपुर स्थित नागेश्वर मंदिर और कृषि मंडी परिसर से हुई। यात्रा शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर एकत्र हुए। इसके बाद धार्मिक जयघोष के साथ कांवड़ यात्रा रवाना हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के हाथों में कांवड़ थीं और पूरा मार्ग भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा।
यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों पर झूमते नजर आए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कांवड़िए अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे। रास्ते में लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
करीब 12 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देवपुर के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करना था। कांवड़िए अपने साथ पवित्र जल लेकर यात्रा में शामिल हुए थे। देवपुर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा की और भगवान शिव की प्रतिमा पर जल अर्पित किया। जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों से लोग सिरोंज पहुंचे। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की तैयारी की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए रास्ते में आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।
यात्रा के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी माहौल रहा। ढोल-नगाड़ों के साथ भक्ति गीत बजते रहे और श्रद्धालु लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के लिए स्वागत द्वार लगाए और उनका अभिनंदन किया। श्रद्धालुओं के लिए पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई।
सिरोंज क्षेत्र में सावन के दौरान कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने के लिए कांवड़ लेकर विभिन्न शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। इस दौरान कई किलोमीटर की पैदल यात्रा कर शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है। सोमवार को आयोजित यात्रा में भी श्रद्धालुओं ने इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया।
आयोजन समिति के बैनर तले निकाली गई इस यात्रा में युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों की भी भागीदारी रही। कई परिवार सामूहिक रूप से यात्रा में शामिल हुए। कांवड़ियों के साथ चल रहे श्रद्धालु रास्तेभर भजन और धार्मिक नारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाए रहे।
यात्रा को देखते हुए मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की भी जरूरत रही। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ सड़क पर होने के कारण कुछ स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया गया। यात्रा के साथ चल रहे स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रखने और रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सहयोग किया।
देवपुर पहुंचने के बाद कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं ने प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन किए। जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बैठकर भजन-कीर्तन भी किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था के साथ सामूहिक सहभागिता का भी दृश्य देखने को मिला। हजारों लोगों के एक साथ यात्रा में शामिल होने से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बन गया। आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एकजुट कर धार्मिक परंपराओं से जोड़ना और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करना है।
सावन के सोमवार को निकाली गई इस कांवड़ यात्रा में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। दोपहर 12 बजे हाजीपुर नागेश्वर मंदिर और कृषि मंडी परिसर से शुरू हुई यात्रा ने 12 किलोमीटर का सफर तय किया और देवपुर के प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूरा हुआ।
यात्रा के समापन के बाद भी देवपुर और आसपास के क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहा। मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही और भगवान शिव के जयकारों से परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने सावन के इस पावन अवसर पर भगवान शिव की आराधना कर अपनी आस्था प्रकट की। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के कारण यह कांवड़ यात्रा सिरोंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।