Chitrakoot चित्रकूट : चित्रकूट जिले के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को पढ़ाई के दौरान महंगे किराये के कमरों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। समाज कल्याण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राजकीय छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां पात्र छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग की इस योजना का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी, जिन्हें अक्सर शहरों में किराये के कमरों के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।
जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास बेड़ीपुलिया (कर्वी) एवं मऊ छात्रावास में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://upswdhms.upsdc.gov.in पर जाकर 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को अपने आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित छात्रावास कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करेंगे। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवेदनों की जांच की जाएगी और मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को काफी मदद मिलेगी और वे बिना आर्थिक बोझ के अपनी शिक्षा पूरी कर सकेंगे। कई छात्रों ने भी इस कदम को अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
समाज कल्याण विभाग का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाएं विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। मुफ्त छात्रावास सुविधा मिलने से न केवल छात्रों का खर्च कम होगा, बल्कि उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।