Indore में ई-फर्टिलाइजर सिस्टम में लापरवाही: वेंडर्स को नोटिस, चार के लाइसेंस सस्पेंड

Update: 2026-04-05 05:21 GMT

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : किसानों को पारदर्शी, सुलभ और समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 1 अप्रैल से 100% ‘ई-फर्टिलाइजर’ (ई-टोकन) डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू किया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार, पूरे जिले में ‘ई-विकास’ पोर्टल के मापदंडों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए डिस्ट्रीब्यूशन और कृषि सप्लाई का पूरा ट्रैक रखा जाता है, ताकि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कृषि विभाग ने ई-टोकन सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी पत्राचार, व्हाट्सएप ग्रुप, अखबारों, मीटिंग और समय-समय पर होने वाले ट्रेनिंग सेशन का सहारा लिया। इस पहल का मकसद किसानों तक समय पर और सही मात्रा में खाद पहुंचाना और वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना है।

हालांकि, 1 और 2 अप्रैल को कुछ प्राइवेट और कोऑपरेटिव विक्रेताओं ने ई-विकास डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बायपास करते हुए पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों के माध्यम से सीधे किसानों को खाद बांटने का काम किया। यह कार्रवाई सरकारी निर्देशों की अवहेलना और ई-टोकन सिस्टम में लापरवाही मानी गई।

इस मामले में, 13 प्राइवेट वेंडर्स और दो प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी गलती की सफाई तीन दिनों के भीतर दें।

साथ ही, चार प्रमुख प्राइवेट वेंडर्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। इनमें मेसर्स अभय सेल्स कॉर्पोरेशन (डोंगरगांव, महू), मेसर्स दुबे एग्रो एजेंसी (सांवेर), मेसर्स G.R. एंटरप्राइजेज (बेटमा), और मेसर्स अभय सेल्स कॉर्पोरेशन (गांव कलारिया, राऊ, इंदौर) शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ई-टोकन सिस्टम को बायपास करना और निर्देशों की अनदेखी करना जिले में वितरण प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि कृषि विभाग और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने सभी विक्रेताओं और कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ को चेताया कि आगे से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-विकास पोर्टल के ज़रिए होने वाला वितरण ही वैध और मान्य माना जाएगा।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि ई-टोकन सिस्टम के ज़रिए वितरण सुनिश्चित करने से न केवल किसानों को समय पर खाद मिलेगी बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को भी रोका जा सकेगा। भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होने पाए, इसके लिए प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग और सख्ती बरतेगा।

इस कदम से जिले में खाद वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने और सरकारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई जा रही है।

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