जबलपुर लूटकांड का खुलासा, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

Update: 2026-07-26 13:54 GMT

मध्य प्रदेश: जबलपुर में हुए चर्चित बैंक लूटकांड मामले में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस मामले के आरोपी श्रवण कुमार उर्फ छोटू महतो को बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए 349 ग्राम सोने के आभूषण, एक पिस्टल, दो कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराज्यीय समन्वय के तहत की गई। जबलपुर पुलिस और बिहार एसटीएफ के संयुक्त प्रयास से आरोपी तक पहुंच बनाई गई। जांच में सामने आया कि श्रवण कुमार बैंक लूट के बाद लूटे गए सोने की खरीद-फरोख्त में शामिल था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए हैं।

मामला 11 अगस्त 2025 का है, जब मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के खितौला थाना क्षेत्र स्थित इसाफ बैंक की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया था। अपराधियों ने बैंक से करीब 14.873 किलोग्राम सोने के आभूषण और पांच लाख रुपये से अधिक नकद राशि लूट ली थी। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में सक्रिय अपराधियों की तलाश शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसी क्रम में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी सुनील पासवान की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने श्रवण कुमार की तलाश तेज कर दी। 25 जुलाई 2026 को एसटीएफ की टीम ने गया जिले के इमामगंज इलाके में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, श्रवण कुमार ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसने लूटे गए सोने को खरीदने की बात स्वीकार की है। उसकी निशानदेही पर बरामद किए गए 349 ग्राम सोने के आभूषण को जबलपुर बैंक लूटकांड से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब बरामद सोने की जांच और उसकी पहचान की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

इस कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह और आनंद कुमार के नेतृत्व में एसओजी-09, बैंक एवं ज्वेलरी सेल, अभियान दल-04 इमामगंज और स्वाट टीम बोधगया की भूमिका रही। टीमों ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

पुलिस का कहना है कि श्रवण कुमार केवल जबलपुर बैंक लूटकांड में ही आरोपी नहीं है, बल्कि वह गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र में हुए एक गोल्ड लूट मामले में भी वांछित था। पूछताछ के दौरान उसने अन्य अपराधियों के संबंध में भी जानकारी दी है। पुलिस अब उन आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैंक लूट की पूरी योजना में कितने लोग शामिल थे और लूटे गए सोने को किन-किन लोगों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का ई-डोजियर तैयार किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जबलपुर पुलिस के साथ मिलकर की जा रही है।

बैंक लूट जैसे बड़े अंतरराज्यीय अपराध में बिहार एसटीएफ की यह कार्रवाई पुलिस के लिए अहम सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और लूट की बाकी संपत्ति बरामद करने के प्रयास जारी हैं।

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