आरा। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस के हादसे के बाद रेलवे ने जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद ट्रेन के लोको पायलट यूएस पांडेय को आरा जंक्शन पर ही उतार दिया गया। इसके बाद रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया।

रेलवे अधिकारियों की टीम अब हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या परिचालन के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या तकनीकी चूक हुई थी।

लोको पायलट का कराया गया ब्लड टेस्ट

जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद लोको पायलट यूएस पांडेय का ब्लड टेस्ट भी कराया गया है। रेलवे नियमों के तहत गंभीर घटनाओं के बाद चालक दल की जांच प्रक्रिया पूरी की जाती है।

लोको पायलट को आरा जंक्शन पर उतारने के बाद रेलवे ने आगे की यात्रा के लिए दूसरी व्यवस्था की।

दूसरे इंजन से रवाना की गई ट्रेन

हादसे के बाद महानंदा एक्सप्रेस को आगे भेजने के लिए जयनगर एक्सप्रेस के इंजन का इस्तेमाल किया गया। आरा से रवाना होने वाली जयनगर एक्सप्रेस के इंजन को महानंदा एक्सप्रेस से जोड़ा गया और इसके बाद ट्रेन को आगे की ओर रवाना किया गया।

रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा और परिचालन बहाल रखने के लिए तत्काल यह कदम उठाया गया।

जांच में जुटे रेलवे अधिकारी

रेलवे अधिकारियों की एक टीम घटना की विस्तृत जांच कर रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ।

जांच के दौरान ट्रेन की गति, ट्रैक की स्थिति, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ

रेलवे ने हादसे के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इसके अलावा ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड, मेमो और परिचालन संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि घटना के पीछे किसी मानवीय गलती, तकनीकी समस्या या अन्य कारण की भूमिका तो नहीं थी।

हादसे के कारणों का पता लगाएगी जांच रिपोर्ट

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ रेलवे नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे का जोर

महानंदा एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिचालन व्यवस्था, ट्रैक और तकनीकी पहलुओं की लगातार निगरानी की जाती है।

परिचालन बहाल करने में जुटा रेलवे

हादसे के बाद प्रभावित रेल परिचालन को सामान्य करने के लिए रेलवे की टीमें लगातार काम कर रही हैं। मौके पर तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों की टीम मौजूद रही।

रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से आगे पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए।

आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस हादसे के बाद अब पूरी जिम्मेदारी जांच टीम पर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार रहे।

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