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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे देवांगना घाटी स्थित चित्रकूट हवाई पट्टी पर उतरा। हवाई पट्टी पहुंचने के बाद उन्होंने अधिकारियों से जिले में आई बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और हुए नुकसान की जानकारी ली।
अधिकारियों से संक्षिप्त समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री रामघाट के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
हवाई पट्टी पर अधिकारियों से ली जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों ने जिले में जलभराव, प्रभावित इलाकों, राहत एवं बचाव कार्यों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
रामघाट पहुंचकर किया हालात का निरीक्षण
हवाई पट्टी से मुख्यमंत्री रामघाट पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, नंद गोपाल नंदी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और इसके बाद रामघाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
सीएम बोले पहली बार आई ऐसी बाढ़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चित्रकूट में इस बार पहली बार इतनी गंभीर बाढ़ की स्थिति देखने को मिली है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन बाढ़ आई थी, उस समय वह बस्ती में थे। वहीं से उन्होंने डीजी पीएसी को निर्देश देकर राहत और बचाव टीमों को रवाना किया था।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में चित्रकूट में केवल एक एसडीआरएफ टीम मौजूद थी, लेकिन स्थिति को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की आठ टीमों को भेजा गया।
बचाव अभियान की खुद की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मौके से ही राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी थी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना है।
राहत कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और राहत टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर काम करें।
एनडीआरएफ और पीएसी टीमों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की टीमों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया।
इन टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया।
प्रभावित लोगों को मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कराया जा रहा है और प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में तेजी बनाए रखें और हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाई जाए।
प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जरूरी सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा राहत कार्यों को गति देने और प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





