अमेरिकियों को झांसा देकर ठगी का खेल, ग्वालियर होटल से ऑपरेट हो रहे कॉल सेंटर का भंडाफोड़

होटल के कमरों से चल रहा था इंटरनेशनल नेटवर्क

Update: 2026-07-27 01:19 GMT

Madhya Pradesh: ग्वालियर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक होटल से चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि यहां बैठे आरोपी विदेशों, खासकर अमेरिका के नागरिकों को फोन कर अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते थे।

जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने होटल को अपना ठिकाना बनाया हुआ था। यहां से कॉल करने के लिए विशेष तकनीक और सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी खुद को विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि, टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी या अन्य अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य इंटरनेट कॉलिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाते थे, जिससे पीड़ितों को असली और नकली कॉल में अंतर करना मुश्किल हो जाता था।
आरोपियों का मुख्य निशाना अमेरिका के लोग थे। उन्हें कंप्यूटर, बैंक अकाउंट, ऑनलाइन सुरक्षा या तकनीकी समस्या का डर दिखाकर संपर्क किया जाता था। इसके बाद समस्या ठीक करने के नाम पर उनसे निजी जानकारी या पैसे हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
साइबर ठगी के इस तरीके में ठग पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान और झूठी कहानियों का सहारा लेते थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कॉल सेंटर से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जानकारी भी खंगाल रही हैं।
साइबर अपराधों को लेकर बढ़ी चिंता
देश में डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराध के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर मांगी जाने वाली जानकारी साझा न करें।
विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या निजी जानकारी अज्ञात लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

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