सागर में ड्राइवर के घर मिले 3 करोड़ कैश का राज, रिश्तेदार की अलमारी से खुला मामला
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ड्राइवर के घर से बरामद हुए करीब 3 करोड़ रुपये नकद मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। रविवार को गोपालगंज इलाके में सौरभ अहिरवार के घर हुई कार्रवाई के दौरान इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस के साथ-साथ खुद सौरभ भी चौंक गया। पुलिस के अनुसार, सौरभ साधारण जीवन जीता है और ड्राइवर का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है।
इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर यह पैसा आया कहां से और सौरभ के घर तक कैसे पहुंचा। जांच में सामने आया कि यह नकदी एक अलमारी में रखी हुई थी, जिसे सौरभ के एक करीबी रिश्तेदार ने कुछ समय पहले उसके घर पर रखा था। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और नकदी के वास्तविक मालिक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
सागर पुलिस से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सौरभ का एक करीबी रिश्तेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) में अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। जांच में पता चला है कि अक्टूबर महीने में उस रिश्तेदार ने सौरभ के घर पर एक अलमारी रखी थी। उसने परिवार को बताया था कि इस अलमारी में सरकारी फाइलें रखी हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, सौरभ और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि अलमारी के अंदर करोड़ों रुपये की नकदी रखी हुई है। परिवार ने भी इस अलमारी को सामान्य समझकर रखा था। उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि जिस सामान को वह सरकारी दस्तावेज समझ रहे हैं, उसमें इतनी बड़ी रकम छिपी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर सौरभ और उसके परिवार को इस नकदी की जानकारी होती तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और अगर उन्हें पैसे के बारे में पता होता तो वे इसका इस्तेमाल भी कर सकते थे। यही कारण है कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी रकम किसकी है और इसे वहां क्यों रखा गया था।
छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगवाई थी। बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद इसकी जानकारी आयकर विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियों को भी दी गई है। अब आयकर विभाग भी इस मामले में जांच कर सकता है, ताकि रकम के स्रोत और इसके लेन-देन से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
पुलिस को शक है कि इतनी बड़ी रकम किसी बड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह रकम किसी अवैध गतिविधि से जुड़ी है या किसी अन्य कारण से यहां रखी गई थी।
सौरभ अहिरवार और उसके परिवार से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि अलमारी कब लाई गई थी, उसे किस जगह रखा गया था और इस दौरान किन-किन लोगों को इसकी जानकारी थी। इसके अलावा रिश्तेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिसने अलमारी सौरभ के घर पर रखी थी।
इस मामले ने इलाके के लोगों को भी हैरान कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन जीता था और किसी को भी अंदाजा नहीं था कि उसके घर में इतनी बड़ी रकम मौजूद हो सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को जोड़ने में लगी हुई हैं। बरामद हुई नकदी के मालिक और इसके स्रोत का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़ी मात्रा में नकदी को छिपाकर रखने के पीछे क्या कारण था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और अगर किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।