मध्य प्रदेश

‘सर्जिकल स्वराज’ में 51 रोबोटिक सर्जरी सफल

Kavita2
18 Aug 2026 10:39 AM IST
‘सर्जिकल स्वराज’ में 51 रोबोटिक सर्जरी सफल
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इंदौर। चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। बेरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने 15 अगस्त को महज 14 घंटे के भीतर 51 रोबोटिक बेरिएट्रिक सर्जरी सफलतापूर्वक कीं। इस विशेष पहल के दौरान एक साथ छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे मेडिकल तकनीक और टीमवर्क की क्षमता को प्रदर्शित किया गया।

यह सभी सर्जरी ‘सर्जिकल स्वराज’ पहल के तहत की गईं। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार, रोबोटिक तकनीक के उपयोग और भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की विशेषज्ञता को दुनिया के सामने लाना था।

एक दिन में 51 जटिल सर्जरी का प्रयास

बेरिएट्रिक सर्जरी मोटापे से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए की जाती है। इसमें अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी मेडिकल टीम की आवश्यकता होती है।

डॉ. मोहित भंडारी की अगुवाई में की गई इन 51 सर्जरी में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एक साथ छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की तैनाती ने इस पूरी प्रक्रिया को संभव बनाया।

इस पहल में मेडिकल विशेषज्ञों की बड़ी टीम ने मिलकर काम किया। इसमें एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, कंसल्टेंट डॉक्टर, सर्जिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य सपोर्ट स्टाफ शामिल थे।

अलग-अलग उम्र के मरीजों का हुआ इलाज

इस विशेष अभियान में शामिल 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं थीं। मरीजों की औसत उम्र 43.6 वर्ष रही। इनमें सबसे कम उम्र के मरीज की उम्र 21 साल थी, जबकि सबसे अधिक उम्र के मरीज की उम्र 77 वर्ष थी।

इन मरीजों का औसत वजन लगभग 122 किलोग्राम था। मोटापे के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे इन मरीजों के लिए यह सर्जरी जीवनशैली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बेरिएट्रिक सर्जरी के जरिए मरीजों के वजन को नियंत्रित करने के साथ-साथ मोटापे से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के प्रबंधन में मदद मिल सकती है।

रोबोटिक तकनीक से बढ़ी सटीकता

मेडिकल क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी को आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें सर्जन को अधिक सटीकता, बेहतर नियंत्रण और छोटे चीरे के माध्यम से ऑपरेशन करने की सुविधा मिलती है।

रोबोटिक सिस्टम की मदद से जटिल प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकता है। इससे मरीजों को कम दर्द, जल्दी रिकवरी और अस्पताल में कम समय रहने जैसे फायदे मिल सकते हैं।

डॉ. मोहित भंडारी और उनकी टीम ने इस अभियान के जरिए दिखाया कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के सहयोग से बड़े स्तर पर जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

‘सर्जिकल स्वराज’ का उद्देश्य

‘सर्जिकल स्वराज’ पहल का उद्देश्य केवल बड़ी संख्या में सर्जरी करना नहीं था, बल्कि भारतीय चिकित्सा क्षेत्र की क्षमता और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करना भी था।

इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम हैं।

इस अभियान में तकनीक, अनुभव और टीमवर्क का संयोजन देखने को मिला। छह रोबोटिक सिस्टम, विशेषज्ञ डॉक्टरों और सपोर्ट स्टाफ के बेहतर तालमेल ने इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।

टीमवर्क रहा अभियान की सफलता का आधार

इतनी बड़ी संख्या में रोबोटिक सर्जरी को सफल बनाने के लिए एक मजबूत और समन्वित टीम की जरूरत होती है। इस अभियान में अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों ने अपनी भूमिका निभाई।

एनेस्थिसियोलॉजी टीम ने मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की, जबकि सर्जिकल टीम ने तकनीकी प्रक्रिया को अंजाम दिया। नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन ने भी पूरे अभियान के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी जटिल प्रक्रियाओं में केवल तकनीक ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि अनुभवी टीम और बेहतर प्रबंधन भी उतना ही जरूरी होता है।

भारतीय हेल्थकेयर के लिए नई संभावनाएं

इस तरह के मेडिकल अभियान भारत में रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रोबोटिक तकनीक का उपयोग और बढ़ेगा, जिससे मरीजों को बेहतर और अधिक सटीक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

15 अगस्त को आयोजित यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति और भारतीय डॉक्टरों की विशेषज्ञता का एक उदाहरण बनी है। 51 रोबोटिक बेरिएट्रिक सर्जरी के इस अभियान ने आधुनिक हेल्थकेयर की नई संभावनाओं को सामने रखा है।

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