सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार तड़के से जारी तेज बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
चित्रकूट क्षेत्र में बहने वाली मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह हाई फ्लड लेवल के बेहद करीब पहुंच गई है। वहीं, सिमरावल नदी में भी पानी की आवक बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे गांवों में खतरा बढ़ गया है।
मंदाकिनी नदी ने बढ़ाई चिंता
लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी में जलस्तर बढ़ता जा रहा है। चित्रकूट क्षेत्र में नदी हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही हैं।
सिमरावल नदी से 40 गांव प्रभावित होने का खतरा
सिमरावल नदी में बढ़ती जल आवक को देखते हुए रामपुर बघेलान और कोटर तहसील क्षेत्र के नदी किनारे बसे 40 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने इन गांवों के ग्रामीणों को सावधानी बरतने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार क्षेत्र की निगरानी करते रहें।
कलेक्टर ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और राहत एवं आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा है कि बारिश और जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
निचले इलाकों में बढ़ा खतरा
बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से जिले के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है।
प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान शुरू कर दी है, जहां बाढ़ का असर अधिक हो सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
राहत और बचाव टीम तैयार
आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जाए।
प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने को कहा है, ताकि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
लोगों से कहा गया है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बच्चों को नदी-नालों के पास न जाने दें।
बारिश से बिगड़े हालात
सतना जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मानसून की सक्रियता के कारण जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई है।
लगातार बारिश का असर नदियों और जलाशयों पर दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
प्रशासन की नजर मौसम पर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन आगे की रणनीति तैयार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल जिला प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सतना में बढ़ते जलस्तर और बारिश के कारण बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडरा रहा है। मंदाकिनी और सिमरावल नदियों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।