उज्जैन में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट, मंदिर-मस्जिद के आसपास भारी सुरक्षा
Uajjain उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मंदिरों तथा मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह, विवाद या अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। इसके अलावा फ्लैग मार्च भी निकाले जा रहे हैं, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर के प्रमुख मंदिरों और मस्जिदों के आसपास पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है।
पुलिस का फोकस उन इलाकों पर अधिक है, जिन्हें कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इन क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस टीमों को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास भ्रमण किया। इसका उद्देश्य आम लोगों में विश्वास पैदा करने के साथ-साथ शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक या भड़काऊ सामग्री पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उज्जैन शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ फ्लैग मार्च और चेकिंग अभियान आगे भी जारी रह सकते हैं।