भोपाल : मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 24,500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास और कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सबसे अहम फैसला अग्निवीरों को राज्य की कई वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण देने का रहा। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में गेस्ट टीचर मानदेय योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पुलिस कॉन्स्टेबल, स्पेशल आर्म्ड फोर्स, जेल गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड और एक्साइज कॉन्स्टेबल जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों की भर्ती के लिए 20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण लागू किया जाएगा। इससे सेना में अग्निवीर के रूप में सेवा देने वाले युवाओं को राज्य की वर्दीधारी नौकरियों में अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे।
सरकार का यह फैसला उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो अग्निपथ योजना के तहत सेना में सेवा पूरी करने के बाद राज्य की सरकारी नौकरियों में आना चाहते हैं। हॉरिजॉन्टल आरक्षण का मतलब यह है कि अग्निवीरों के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत अवसर अलग-अलग आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के भीतर लागू किए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में अग्निवीरों के अनुभव और अनुशासन को राज्य की सुरक्षा और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। सेना में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को शारीरिक दक्षता, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी अनुभव मिलता है। राज्य सरकार अब इस अनुभव को पुलिस, जेल, वन और आबकारी जैसी सेवाओं में इस्तेमाल करना चाहती है।
बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा भी बड़ा फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने गेस्ट टीचर मानदेय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए कुल 5,329.17 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में फिलहाल 76 हजार से अधिक गेस्ट टीचर सेवाएं दे रहे हैं। ये शिक्षक प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। गेस्ट टीचरों की बड़ी संख्या को देखते हुए मानदेय योजना को जारी रखना शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
इस स्वीकृति के बाद अगले पांच वर्षों तक गेस्ट टीचरों के मानदेय भुगतान के लिए वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित रहेगी। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी। खासकर उन स्कूलों में जहां नियमित शिक्षकों की कमी है, वहां गेस्ट टीचर पढ़ाई की व्यवस्था संभालते हैं।
कैबिनेट बैठक में विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कुल मिलाकर 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से संबंधित योजनाओं और परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। सरकार का फोकस रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी विकास पर रहा।
अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए विकल्प खोल सकता है। सेना से बाहर आने के बाद अग्निवीरों के सामने आगे के करियर को लेकर बड़ा सवाल रहता है। अब पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण मिलने से उनके पास राज्य सरकार की नौकरियों में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर होगा।
पुलिस कॉन्स्टेबल और स्पेशल आर्म्ड फोर्स के अलावा जेल गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड और एक्साइज कॉन्स्टेबल जैसी सेवाएं भी इस फैसले के दायरे में होंगी। इन सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया के दौरान अग्निवीरों को तय नियमों के तहत 20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
सरकार को उम्मीद है कि सेना में प्रशिक्षित युवाओं के आने से वर्दीधारी सेवाओं को भी फायदा मिलेगा। शारीरिक रूप से प्रशिक्षित और अनुशासित उम्मीदवारों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे सुरक्षा और फील्ड ड्यूटी से जुड़ी सेवाओं की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है।
दूसरी ओर, गेस्ट टीचरों के लिए पांच साल की वित्तीय मंजूरी से सरकारी स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था को स्थिरता मिलने की उम्मीद है। 76 हजार से अधिक गेस्ट टीचरों की सेवाएं जारी रहने से ऐसे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना कम होगी जहां नियमित शिक्षकों की संख्या पर्याप्त नहीं है।
राज्य सरकार ने शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और सुरक्षा से जुड़े फैसलों को भी एक साथ आगे बढ़ाया है। कैबिनेट के इन निर्णयों का सीधा असर युवाओं, शिक्षकों और सरकारी सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार आने वाले वर्षों में रोजगार और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर बड़े स्तर पर खर्च करने की तैयारी में है। 24,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों की मंजूरी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण और गेस्ट टीचर मानदेय योजना को पांच साल तक जारी रखने के फैसले सबसे प्रमुख रहे। इससे एक ओर पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों के रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों गेस्ट टीचरों को भी बड़ी राहत मिलेगी।