Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सरकार ने शुक्रवार देर रात मंत्रालय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 162 अधिकारियों को ग्रेड II से असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। यह प्रमोशन लंबे समय से लंबित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे मंत्रालय में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, यह पदोन्नति मध्य प्रदेश सिविल सर्विसेज़ रूल्स, 1961 के तहत की गई है। सभी चयनित अधिकारियों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड पर ASO के पद पर कार्य करने का अवसर दिया गया है। इस दौरान उनके कार्य प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी, जिसके आधार पर उनकी स्थायी नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह सभी प्रमोशन उन मामलों के अधीन रहेंगे जो वर्तमान में विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इनमें हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रही पिटीशन शामिल हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही लागू होगा, जिससे यह प्रक्रिया कानूनी दायरे में पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।

इस प्रमोशन सूची में मंत्रालय के कई अनुभवी और लंबे समय से कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। इनमें आशीष कुल्हारे, राजू कुमार वर्मा, संजय कुमार राठौर, सरिता यादव और दीपचंद पांडे सहित अन्य अधिकारियों के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन अधिकारियों को वर्षों की सेवा और कार्य अनुभव के आधार पर यह पदोन्नति दी गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय में कई पद लंबे समय से खाली थे या कार्यभार अधिक होने के कारण फाइलों के निपटान में देरी हो रही थी। इस प्रमोशन के बाद उम्मीद की जा रही है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विभागीय कामकाज अधिक सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगा।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यह कदम प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों की कमी और कार्यभार के दबाव को देखते हुए लंबे समय से प्रमोशन प्रक्रिया की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, सभी चयनित अधिकारियों को नियमों और सेवा शर्तों के अनुसार नए पद पर जिम्मेदारी निभानी होगी। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जाएगा, जो आगे की स्थायी नियुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर प्रमोशन से मंत्रालय की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। लंबे समय से लंबित फाइलों के निपटारे में भी तेजी आने की संभावना है।

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रमोशन न्यायालयों में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे। यदि अदालतों द्वारा किसी प्रकार का विपरीत आदेश दिया जाता है, तो उसका पालन अनिवार्य होगा।

इस फैसले के बाद मंत्रालय के कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कई कर्मचारियों ने इसे अपने करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस प्रमोशन से उनके कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। 162 अधिकारियों को ASO पद पर पदोन्नति मिलने से मंत्रालय की कार्यक्षमता बढ़ने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की संभावना है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया न्यायिक निर्णयों के अधीन रहेगी।

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