न्यायमूर्ति अल्पेश कोगजे ने ली शपथ बने हाई कोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश
भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को गुरुवार को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया। न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने राज्य के 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोपाल स्थित लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में उन्हें शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित न्यायपालिका, प्रशासन और राजनीति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रदेश सरकार के मंत्री, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, हाई कोर्ट के न्यायाधीश, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और न्यायमूर्ति कोगजे के परिजन भी शामिल हुए।
समारोह की शुरुआत औपचारिक प्रक्रिया के साथ हुई। मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति अधिसूचना का वाचन किया। इसके बाद राज्यपाल ने न्यायमूर्ति कोगजे को शपथ दिलाई। शपथ लेने के साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल लिया।
न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे की नियुक्ति मध्य प्रदेश की न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके सामने न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, न्यायिक बुनियादी ढांचे के विस्तार, तकनीक के अधिक उपयोग और आम नागरिकों तक न्याय की आसान पहुंच सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी।
न्यायमूर्ति कोगजे इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की नियुक्ति अधिसूचना जारी होने के बाद गुरुवार को उनका शपथ ग्रहण हुआ।
न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे का जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ। उन्होंने महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा से वर्ष 1990 में रसायन विज्ञान विषय में बीएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने इसी विश्वविद्यालय के विधि संकाय से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 1993 में उन्होंने अधिवक्ता के रूप में कानूनी पेशे की शुरुआत की। महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में उपलब्ध परिचय में उनकी शिक्षा और प्रारंभिक कानूनी यात्रा का विवरण दिया गया है।
वकालत के दौरान न्यायमूर्ति कोगजे ने संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों में काम किया। उन्होंने गुजरात सरकार के लिए सहायक सरकारी वकील के रूप में भी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त वह विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में विशेष लोक अभियोजक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में कार्य करने के बाद उन्हें न्यायिक जिम्मेदारी सौंपी गई।
न्यायमूर्ति कोगजे को 6 अप्रैल 2016 को गुजरात हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद वर्ष 2018 में उनकी नियुक्ति स्थायी न्यायाधीश के रूप में हुई। गुजरात हाई कोर्ट में करीब एक दशक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने संवैधानिक, आपराधिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने से पहले गुजरात हाई कोर्ट में उन्हें पूर्ण पीठ की ओर से विदाई दी गई थी। अपने विदाई संबोधन में उन्होंने उस संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया, जहां से उन्होंने अपने कानूनी और न्यायिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से न्यायालय को केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि सीखने और न्याय की सेवा करने वाली संस्था के रूप में देखने की अपील की थी। इंडियन एक्सप्रेस ने उनके कानूनी तथा न्यायिक सफर का विस्तृत उल्लेख किया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में है, जबकि इंदौर और ग्वालियर में इसकी खंडपीठें संचालित होती हैं। मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति कोगजे न्यायिक कार्यों के साथ न्यायालय के प्रशासनिक कामकाज का भी नेतृत्व करेंगे। न्यायाधीशों के बीच मामलों का आवंटन, पीठों का गठन और न्यायिक प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारियों में शामिल होते हैं।
प्रदेश की जिला अदालतों के प्रशासनिक निरीक्षण और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में दूरदराज के क्षेत्रों तक न्यायिक सेवाएं पहुंचाना, अदालतों में रिक्त पदों की समस्या और लंबित मामलों की संख्या कम करना प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।
हाल के वर्षों में न्यायिक व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम हुआ है। ई-फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ऑनलाइन केस स्टेटस और आदेशों की डिजिटल उपलब्धता से अधिवक्ताओं तथा वादकारियों को सुविधा मिली है। न्यायमूर्ति कोगजे के कार्यकाल में इन सुविधाओं के विस्तार और जिला स्तर की अदालतों तक तकनीकी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायमूर्ति कोगजे को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नए मुख्य न्यायाधीश के अनुभव और मार्गदर्शन से प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी उन्हें नए दायित्व के लिए बधाई दी।
न्यायमूर्ति कोगजे ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 29वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के बाद यह दायित्व संभाला है। बीच की अवधि में न्यायमूर्ति विवेक रूसिया कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी निभा रहे थे। स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के साथ अब न्यायालय के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों को नई गति मिलने की संभावना है।
शपथ ग्रहण के साथ न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे के न्यायिक जीवन का नया अध्याय शुरू हो गया। गुजरात में वकालत और न्यायाधीश के रूप में प्राप्त उनके लंबे अनुभव का लाभ अब मध्य प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मिलेगा। उनके सामने न्याय की समयबद्ध उपलब्धता, न्यायालयों में पारदर्शिता और आम लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।