इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. महक भंडारी ने ट्रांसकॉन्टिनेंटल टेलीसर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित IRCAD सेंटर से ऑपरेट करते हुए एक ही दिन में 10 घंटे के भीतर 12 रोबोटिक हर्निया सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कीं।

सबसे खास बात यह रही कि सर्जन और मरीजों के बीच करीब 8 हजार किलोमीटर की दूरी थी। डॉ. भंडारी फ्रांस में मौजूद थे, जबकि सभी मरीज इंदौर स्थित मोहक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में थे।

इस उपलब्धि को चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फ्रांस से किया गया ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, डॉ. महक भंडारी ने स्ट्रासबर्ग के IRCAD सेंटर से अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के माध्यम से इंदौर में मौजूद मरीजों की सर्जरी की।

इस दौरान डॉक्टर और मरीजों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद ऑपरेशन में किसी तरह की बाधा नहीं आई।

टेलीसर्जरी तकनीक के जरिए डॉक्टर ने रोबोटिक प्लेटफॉर्म को नियंत्रित किया और मरीजों पर हर्निया की सर्जरी की।

10 घंटे में 12 रोबोटिक हर्निया सर्जरी

डॉ. भंडारी ने एक ही दिन में करीब 10 घंटे के अंदर 12 मरीजों की रोबोटिक हर्निया सर्जरी की।

आमतौर पर जटिल सर्जरी के लिए डॉक्टर का मरीज के पास मौजूद होना जरूरी माना जाता है, लेकिन टेलीसर्जरी तकनीक ने इस धारणा को बदलते हुए चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं।

इस प्रक्रिया में हाई-स्पीड नेटवर्क, रोबोटिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत होती है।

MedBot रोबोटिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल

इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के लिए डॉ. भंडारी ने MicroPort द्वारा विकसित MedBot रोबोटिक सर्जिकल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया।

यह सिस्टम डॉक्टर को दूर बैठकर रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करने की सुविधा देता है। इसकी मदद से सर्जन बेहद सूक्ष्म और सटीक तरीके से ऑपरेशन कर सकते हैं।

रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी जैसे फायदे माने जाते हैं।

भारत और फ्रांस की टीमों ने किया सहयोग

इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए फ्रांस और भारत की मेडिकल तथा तकनीकी टीमों ने मिलकर काम किया।

दोनों देशों की टीमों के बीच लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा गया, ताकि ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए।

विशेषज्ञों ने बताया कि टेलीसर्जरी में नेटवर्क की गति, सुरक्षा और रियल टाइम कम्युनिकेशन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं

डॉ. भंडारी की यह उपलब्धि भारत में दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

टेलीसर्जरी तकनीक के माध्यम से भविष्य में दुनिया के किसी भी हिस्से से विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों का इलाज कर सकेंगे।

विशेषकर ऐसे क्षेत्रों में जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, वहां यह तकनीक बड़ी मददगार साबित हो सकती है।

रोबोटिक सर्जरी का बढ़ता इस्तेमाल

पिछले कुछ वर्षों में भारत में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कैंसर, यूरोलॉजी, स्त्री रोग और जनरल सर्जरी समेत कई क्षेत्रों में रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

इस तकनीक से डॉक्टरों को अधिक सटीकता के साथ ऑपरेशन करने में मदद मिलती है।

डॉ. भंडारी की उपलब्धि ने यह दिखाया है कि भारत चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है।

मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसकॉन्टिनेंटल टेलीसर्जरी आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल सकती है।

यदि यह तकनीक व्यापक स्तर पर उपलब्ध होती है तो छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को भी बड़े विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकेंगी।

इंदौर में हुई इन 12 सफल रोबोटिक सर्जरी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

इंदौर और भारत के लिए गौरव का क्षण

डॉ. महक भंडारी की यह उपलब्धि न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

फ्रांस में बैठकर भारत में मरीजों की सफल सर्जरी करना चिकित्सा विज्ञान, रोबोटिक तकनीक और डिजिटल कनेक्टिविटी के बेहतर संयोजन को दर्शाता है।

यह उपलब्धि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्रांति की नई राह खोल सकती है।

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