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मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट पहुंचे CM, राहत शिविर का किया निरीक्षण

चित्रकूट। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। हेलीकॉप्टर से दीनदयाल शोध संस्थान के हेलीपैड पर पहुंचे मुख्यमंत्री के साथ चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और रीवा संभागायुक्त शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट पहुंचते ही राहत शिविर का निरीक्षण किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की और प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री
मंदाकिनी नदी में अचानक आए तेज उफान के कारण चित्रकूट क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। नदी का जलस्तर बढ़ने से कई लोगों के घरों और अन्य स्थानों पर पानी भर गया, जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में ठहराया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत शिविर में पहुंचकर लोगों से बातचीत की। उन्होंने प्रभावित परिवारों से उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लिया जायजा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और रीवा संभागायुक्त शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार नजर बनाए रखे और जरूरतमंद लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन भी जल्द किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मंदाकिनी नदी के उफान से बिगड़े हालात
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ गया था, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
बाढ़ के कारण कई लोगों के सामने रहने और खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई थी। ऐसे में राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जाए।
इसके अलावा साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सतर्क रहने को कहा गया। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि किसी भी तरह की बीमारी फैलने की स्थिति न बने, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
नुकसान का होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का सर्वे कराया जाए और रिपोर्ट तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार आपदा की स्थिति में लोगों के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोगों को राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री के दौरे से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से जल्द सहायता और पुनर्वास की मांग की है।
फिलहाल जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का चित्रकूट दौरा सरकार की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटा है।





